ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर सफाई का ठेका बदलने के बाद पूरी तरह सूरत बदल चुकी है। प्लेटफॉर्म पूरी तरह चकाचक हैं, दिन भर मशीन से सफाई की जा रही है। मगर सर्कुलेटिंग एरिया की तरफ रेलवे का ध्यान ही नहीं है। ऑटो पार्किंग के पीछे कचरे का ढेर लगा हुआ है। मालगोदाम शिफ्ट होने के बाद यहां पर झाडू तक नहीं लगाई गई है। जगह-जगह कीचढ़ जमा है, आवारा मवेशियों का डेरा बन चुका है। यहां पर वॉशिंग पिट एवं थर्ड फोर्थ लाइन आना है।

रेलवे प्रबंधन का पूरा फोकस प्लेटफार्म की सफाई पर है। यहां पर टॉयलेट में भी दिन भर साफ सफाई हो रही है। इसके विपरित सर्कुलेटिंग एरिया में गंदगी के ढेर लग गए हैं। क्योंकि सर्कुलेटिंग एरिया में झाडू लगाने के बाद गंदगी को कौने में डाल दिया जाता है। ऑटो पार्किंग के पीछे इसी प्रकार की स्थिति बनी हुई है। प्लेटफार्म नंबर चार पर भी यही हालात है। यहां भी मालगोदाम की शिफ्िटग के बाद कोई ध्यान नहीं दिया गया है। जगह-जगह कीचढ़ जमा हो चुकी है, जिसके कारण यहां आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। यह मवेशी रेलवे ट्रैक तक पहुंच जाते हैं, जिससे हादसे की भी आशंका बनी रहती है। जिस एजेंसी को ठेका दिया गया है, वह भी यहां सफाई करना जरूरी नहीं समझती है। जिससे स्थिति खराब होती जा रही है।

110 कर्मचारी फिर भी सर्कुलेटिंग एरिया बदहालः-

रेलवे ने नया ठेका करीब 22 लाख प्रतिमाह पर दिया है। कर्मचारियों की संख्या भी बढाकर 110 कर दी गई है। इसके बाद भी सर्कुलेटिंग एरिया में सफाई व्यवस्था बदहाल है। जिससे शहर में आने वाले पर्यटकों को स्टेशन तो साफ दिखता है, लेकिन सर्कुलेटिंग एरिया में गंदगी मिलने से स्टेशन की छवि खराब होती है।

क्यों नहीं देते ध्यानः-रेलवे के अधिकारी, सांसद या मंत्री जो भी निरीक्षण के लिए आता है वह प्लेटफार्म का ही निरीक्षण करते हैं। सर्कुलेटिंग एरिया में कोई झांकने ही नहीं जाता है। इसी वजह से अधिकारियों का प्रयास होता है कि प्लेटफार्म चकाचक रहे, जिससे अफसरों को सबकुछ बेहतर मिले।

मालगोदाम शिफ्ट होने के बाद नया यह होगाः-

-इस स्थान पर वॉशिंग पिट बनाने की योजना है।

-थर्ड एवं फोर्थ लाइन भी यहां पर आना है।

-रेलवे स्टेशन डेव्हलपमेंट कारपोरेशन के प्रोजेक्ट में प्लेटफार्म चार का सर्कुलेटिंग एरिया भी शामिल है।

Posted By: Nai Dunia News Network