ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिध। जिला अस्पताल मुरार में आईसीयू नहीं बनाए जाने का मुद्दा अब हाई कोर्ट पहुचं गया है। डा राखी शर्मा ने जनहित याचिका दायर कर कोर्ट के संज्ञान में लाया है कि वर्तमान परिस्थिति में शहर को आईसीयू की जरूरत है, लेकिन सरकारी अस्पताल में आईयूसी के पर्याप्त बेड नहीं होने की वजह से कोविड-19 के पीड़ितों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। उन्हें 10 हजार रुपये प्रति दिन देने पड़ रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने उपकरण भी खरीद कर रख लिए हैं और उन्हें एक कमरे में भर दिया है। स्वास्थ्य विभाग कह रहा है कि उनके पास जगह नहीं है। पूर्व विधायक कह रहे हैं कि भवन तैयार कराएं। दोनों के विवाद में आम लोगों का नुकसान हो रहा है।

हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने इस याचिका को जबलपुर हाई कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया है। जबलपुर में इस याचिका की 3 नवंबर को सुनवाई संभावित है। याचिकाकर्ता का कहना है कि अगर मुरार में समय रहते हुए आईसीयू तैयार कर लिया होता तो कोरोना वायरस के गंभीर मरीजों को निजी अस्पतालों के आईसीयू में नहीं जाना पड़ता। लोगों की मजबूरी का भी अस्पताल वालों ने फायदा उठाया। इसलिए इसे शीघ्र तैयार कराया जाए। News Updating...

Posted By: Prashant Pandey

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