- देश में पेटीएम का उपयोग करने वाले एक फीसद यूजर का सिविल स्कोर अच्छा है

ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। असल में बैंक से लेन देन के व्यवहार पर खाता धारक का सिविल स्कोर निर्धारित होता है। जैसा आपका बैंक के साथ व्यवहार होगा आपका सिविल स्कोर वैसा ही बनेगा। जो लोग बैंक के एक से अधिक क्रेडिट कार्ड व उसकी पूरी राशि का उपयोग करते हैं ऐसे लोगों को बैंक उधारी की जिंदगी जीने वाला समझती है। ऐसे लोगों का सिविल स्कोर अच्छा नहीं माना जाता। जबकि वे लोग जो एक ही क्रेडिट कार्ड व सीमित उपयोग व समय पर किश्तें भरते और बैंक खाते में नगदी रखते हैं उन्हें बैंक सबसे अच्छा यूजर मानती है। ऐसे लोगों को बैंक खुद चलकर लोन आदि देना पसंद करती। उदाहरण्ा के लिए अगर बात पेटीएम के लेनदेन की करें तो देश में पेटीएम का उपयोग करने वाले एक फीसद यूजर का ही सिविल स्कोर अच्छा है। जबकि इससे नीचे मध्यम व खराब सिविल स्कोर की संख्या काफी अधिक है। बैंक के साथ आपका अच्छा व्यवहार ही आपका सिविल स्कोर बेहतर बनाता है जो आपकी मुसीबत में काम आता है। बैंकों ने यूजर के लेनदेन के व्यवहार को अंकों में बांटा है। जिसके आधार पर वह अपने यूजर का सिविल स्कोर निकालते हैं। अगर आपकी सिविल 780-790 अंकों के बीच है तो बैंकों कि लिए आप सबसे अच्छे ग्राहक हैं। वह ऐसे लोगों को लोन देने के लिए बैंक उनके घर तक भी पहुंच जाती हैं।

सिविल स्कोर -

बैंक द्वारा खाता धारक के बैंक व्यवहार को अंकों में बांटा है। 300 से 900 के बीच में खाता धारक के व्यवहार पर उसे अंक दिए जाते हैं जो उसका सिविल स्कोर या व्यवहार बताते हैं। इन अंक के आधार पर ही कोई भी बैंक या कंपनी आपको उधारी देने का निर्णय लेती है।

कैटेगिरी रेंज

अति उत्तम 780-790

उत्तम 700-779

सामान्य 600-699

खराब 300-599

यह बातें बताती हैं आपका व्यवहार कैसा है-

-बैंक या किसी कंपनी से उधारी पर लिए सामान की किश्त। किश्त समय पर चुकाना आपके व्यवहार को अच्छा बताता है।

-क्रेडिट कार्ड एक या इससे अधिक बैंकों से लिया है। एक से अधिक क्रेडिट कार्ड आपके व्यवहार को अच्छा नहीं बताता।

-क्रेडिट कार्ड में मिली लिमिट का उपयोग। लिमिट का उपयोग पूरा न करें। यह सिविल स्कोर खराब करता है।

-क्रेडिट रिपोर्ट में आने वाले व्यवधान को समय पर सुधारना। क्रेडिट कार्ड की उधारी समय पर चुकाएं व आने वाली परेशानी का समय पर निदान करें।

ऐसे बनता है आपका सिविल स्कोर-

-बैंक खाते में पैसा रखना।

-बैंक में हर महीने जमा व निकासी करें।

-बैंक से ली गई उधारी समय पर अदा करें।

-बैंक से उधारी लें और उसे समय पर चुका दें।

-बैंक द्वारा दी जाने वाल लिमिट का 50 फीसद ही उपयोग करें।

इनका कहना है-

जिन लोगों का बैंक से व्यवहार नहीं होता या फिर खराब होता है। उन्हें बैंक उधारी देने से कतराता है। जो लोग एक से अधिक क्रेडिट कार्ड व उसकी लिमिट का पूरा उपयोग करते उन्हें भी अच्छा ग्राहक बैंक नहीं मानती। व्यक्ति का सिविल स्कोर बताता है कि आपका बैंक के प्रति व्यवहार कैसा है इसलिए भविष्य में बैंक लोन लेना है तो सिविल स्कोर बेहतर रखें।

- सुशील कुमार, लीड बैंक मैनेजर

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