- किसी की मौत के बाद ही जागेगा निगम, आवारा मवेशी रोज कर रहे घायल

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर में जिस तरह से नगर निगम आवारा मवेशियों को पकड़ने की कार्रवाई कर रहा है, उसे देखकर लग रहा है कि किसी की मौत के बाद ही अफसर जागेंगे। अब भी अफसर इस समस्या की गंभीरता को न समझते हुए कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करा रहे हैं। निगम के मदाखलत अमले ने सोमवार को वार्ड क्रमांक 58 से 11 मवेशियों को पकड़कर गौशाला भिजवाया। यह कार्रवाई तब हुई, जब वार्ड की नवनिर्वाचित पार्षद ने इंटरनेट मीडिया पर सार्वजनिक पोस्ट कर आयुक्त को खुली चेतावनी दे दी। इसके अलावा शहरभर से 55 मवेशी पकड़ने का दावा भी किया जा रहा है। उधर वार्ड 11 के पूर्व पार्षद जगदीश पटेल को ही आवारा सांड ने बिरला नगर मंडी में पटक दिया। इससे उनके पैर और कूल्हे में चोटें आई हैं।़शिहर में आवारा जानवरों की संख्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इस समस्या ने आमजन की नाक में दम कर दिया है। शहर की विभिन्न सड़कों, चौराहों, गली-मोहल्लों में हजारों की संख्या में आवारा मवेशी अब भी नजर आ रहे हैं। निगम का दावा है कि प्रतिदिन 75 से 80 मवेशियों का पकड़ा जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद इन मवेशियों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। हर रोज किसी न किसी इलाके से आवारा मवेशियों द्वारा राहगीरों को घायल करने की घटनाएं सामने आ रही हैं। सोमवार को वार्ड क्रमांक 11 के पार्षद जगदीश पटेल ने नईदुनिया को बताया कि बिरला नगर मंडी में सब्जी खरीदने के दौरान एक सांड ने पीछे से हमला किया और उन्हें सींगों से उठाकर पटक दिया। मंडी में खरीदारी कर रहे अन्य लोगों ने जैसे-तैसे उन्हें बचाया। इस दौरान उन्हें अंदरूनी चोटें लगीं और वे घर पर ही अपना इलाज करा रहे हैं। सोमवार को महलगांव, राम मंदिर चौराहा, अचलेश्वर रोड, थाटीपुर, मुरार, बिरला नगर, हजीरा आदि स्थानों पर आवारा मवेशियों के झुंड नजर आए। ़ि

चिंतनीय नकिसी की मौत के बाद ही जागेगा निगम, आवारा मवेशी रोज कर रहे घायल

निगम का दावा, आठ दिन में पकड़े 544 मवेशी़निगर निगम का दावा है कि अगस्त माह के आठ दिनों में 544 मवेशी पकड़े गए हैं। इनमें एक अगस्त को 53, दो अगस्त को 65, तीन अगस्त को 82, चार अगस्त को 63, पांच अगस्त को 78, छह अगस्त को 90, सात अगस्त को 58 और आठ अगस्त को खबर लिखे जाने तक 55 मवेशी पकड़े गए हैं। इसके अलावा लगातार यह अभियान चलाया जाएगा। जिससे इस तरह की घटनाएं न हों।

मवेशियों को पकड़ने के लिए सिर्फ 20 कर्मचारी

नगर निगम ने आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए मदाखलत अमले के सिर्फ 20 कर्मचारियों को तैनात कर रखा है। मवेशियों को पकड़ने के लिए चार दल बनाए गए हैं। प्रत्येक दल में चार कर्मचारी और एक वाहन चालक को नियुक्त किया गया है, जबकि यह व्यवस्था नाकाफी है। सैकड़ों की संख्या में जानवरों को पकड़ने के लिए कर्मचारी बढ़ाने के बजाय अफसर ग्रामीण क्षेत्रों से मवेशियों के आने का रोना रो रहे हैं। इस समस्या से निपटने के लिए अब भी प्रभावी योजना तैयार करने में अफसरों की रुचि नहीं है।

बिरला नगर मंडी में सब्जी खरीदने के दौरान सांड ने मुझ पर हमला कर दिया। उसने मुझे उठाकर पटका और अपने पैर में मेरी जांघ दबा ली। मुझे लगा कि मेरी जान ही निकल जाएगी। खरीदारी कर रहे अन्य लोगों ने मुझे बचाया और घर तक लेकर आए। निगम अफसरों को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए।

जगदीश पटेल, पूर्व पार्षद वार्ड क्रमांक 11

मदाखलत अमला सुबह से लेकर देर रात तक आवारा जानवर पकड़ने की कार्रवाई कर रहा है। प्रतिदिन मवेशियों को पकड़कर गौशाला भेजा जा रहा है। गौशाला की क्षमता को भी बढ़ा रहे हैं, ताकि वहां गौवंश को रखा जा सके।

किशोर कान्याल, आयुक्त नगर निगम

Posted By: anil tomar

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