- अब कब्जा तो नींद से जागे अधिकारी

ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्वालियर में भू-माफियाओं का जंगल राज है। भू-माफिया अभी तक आम लोगों को डरा-धमकाकर इन्हें हड़पते थे, लेकिन अब पुलिस से भी इन्हें डर नहीं लगता। इसका ताजा उदाहरण है- बहोड़ापुर इलाके में बनी ग्वालियर पुलिस की फायरिंग रेंज, जिस पर भू-माफियाओं ने कब्जा किया, कब्जा कर इस जमीन को अपना बताकर बेच डाला। जब इस जमीन की खरीद-फरोख्त हो रही थी, तब किसी पुलिस अधिकारी को भनक तक नहीं लगी। यहां तक कि इन इन जमीनों पर मकान से लेकर स्कूल तक बन गए, तब पुलिस अधिकारियों को पता लगा। जब पुलिस की ही जमीन भू-माफिया बेखौफ हड़प रहे हैं तो अंदाजा लगाया जा सकता है, यहां इन लोगों की जड़ें सिस्टम में कितनी गहरी जमी हैं। चौंकाने वाली बात तो यह है- जब इसका खुलासा हुआ, तब ग्वालियर पुलिस की ओर से तहसीलदार को पत्र लिखा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब तहसीलदार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई तो एसएसपी अमित सांघी ने खुद कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को इस पूरे मामले की जांच करने के लिए पत्र लिखा है। जमीन के सीमांकन से लेकर जो लोग यहां रह रहे हैं, उनके जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच के लिए पत्र लिखा गया है।

बहोड़ापुर इलाके में स्थित सागताल रोड के पास ग्वालियर पुलिस की फायरिंग रेंज बनी हुई है। काफी समय पहले यहां पुलिसकर्मियों द्वारा गोली चलाने और शस्त्र प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियां की जाती थी। जब एसएएफ रोड पर फायरिंग रेंज बन गई तो यहीं पर पुलिसकर्मी फायरिंग से जुड़े प्रशिक्षण लेने लगे। बहोड़ापुर स्थित फायरिंग रेंज बंद हो गई, इसके चलते सालों तक यहां पुलिस अधिकारी नहीं गए। जब पुलिस अधिकारियों ने यहां जाना छोड़ दिया तो भू-माफिया की नजर यहां पड़ गई। भू-माफियाओं ने यहां से झाड़ियां हटाई, जमीन को अपना बताकर बेचना शुरू कर दिया। कई लोगों को पुलिस की फायरिंग रेंज की जमीन बेच डाली। इसके बाद यहां लोगों ने भवन निर्माण कर लिए, निजी स्कूल के अलावा अन्य भवन भी यहां बन गए। हाल ही में जब यहां कब्जा होने की खबर पुलिस अधिकारियों को मिली तो आरआइ रणजीत सिंह यहां पहुंचे। यहां फायरिंग रेंज की जमीन पर मकान बने हुए थे। यह देखकर तो पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। इसके बाद आनन-फानन में तहसीदार को पत्र लिखकर इन मकान में रहने वाले लोगों के रजिस्ट्री व अन्य दस्तावेज परीक्षण और सीमांकन की मांग की गई। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई तो एसएसपी अमित सांघी ने इस संबंध में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को पत्र लिखा है। हालांकि अभी तक सीमांकन और दस्तावेज परीक्षण की कार्रवाई शुरू नहीं है। लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना है, प्रशासन की जांच के बाद यहां से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कराई जाएगी।

मकान मालिकों के पास पहुंचे पुलिस अधिकारी, बोले- हमारे पास तो रजिस्ट्री है, दिखा नहीं पाए: आरआइ रणजीत सिंह और अन्य पुलिस अधिकारी यहां पहुंचे। जब मकान मालिक और स्कूल संचालक के पास पहुंचे तो यह लोग बोले, यह जमीन खरीदी है। उनके पास रजिस्ट्री है, कुछ लोग रजिस्ट्री व अन्य दस्तावेज नहीं दिखा पाए।

इन लोगों ने बताया कि जमीनों का काम करने वाले एक ठेकेदार ने उन्हें यह जमीन खुद की बताकर बेची हैं। इससे आशंका है कि पूरी प्लानिंग के साथ इस जमीन को अपनी बताकर बेचा गया है। राजनीतिक संरक्षण से महाराजपुरा, बहोड़ापुर, सिरोल, सिटी सेंटर में पनप रहे भू-माफिया: राजनीतिक और कुछ अधिकारियों के संरक्षण के चलते महाराजपुरा, पुरानी छावनी, बहोड़ापुर, सिरोल, सिटी सेंटर, गिरवाई इलाके में भू-माफिया पनप रहे हैं। यहां पहले ग्राहक को जमीन बेचने के बाद इस पर भू-माफिया खुद ही कब्जा कर लेते हैं, फिर इसे विवादित किया जाता है। इसके बाद कुछ नेता और अधिकारियों की मिलीभगत से इसे उसी व्यक्ति से कम कीमत पर खरीदा जाता है।

वर्जन:

बहोड़ापुर इलाके में फायरिंग रेंज है, यहां की जमीन को भू-माफियाओं द्वारा कुछ लोगों की मिलीभगत से बेचा गया है। इसकी जानकारी मिली है, मौके पर पुलिस अधिकारियों को भेजकर जांच भी कराई गई है। यहां से अतिक्रमण हटाने और सीमांकन कराने के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा है। जिन लोगों ने ऐसा किया है, उन सभी पर एफआइआर दर्ज की जाएगी जल्द से जल्द जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।

अमित सांघी, एसएसपी

Posted By: anil tomar

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