ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पुलिस अभिरक्षा में अपहरण के आरोपित कृष्णा जैन के जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने के मामले में एसएसपी अमित सांघी ने शनिवार की रात को जनकगंज थाना प्रभारी डा संतोष यादव सहित एएसआइ, श्रीकृष्ण नरवरिया, हेड मोहर्रिर का दायित्व संभालने वाले दशरथ शर्मा व संतरी नरेंद्र रावत को लाइन हाजिर कर दिया है। यह कार्रवाई एएसपी सतेंद्र सिंह तोमर की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। एसएसपी का कहना है कि लाइन हाजिर किए गए थाना प्रभारी व एएसआइ, कार्यवाहक हवलदार व संतरी की कोई बड़ी चूक सामने नहीं आई है। केवल न्यायिक प्रक्रिया का पालन करते हुए इन लोगों को लाइन भेजा गया है।

प्रेमिका के साथ थाने में हाजिर होने के बाद जहर खा लिया थाः नवग्रह कालोनी निवासी कृष्णा जैन के खिलाफ गुरुवार की दोपहर को एक किशोरी को बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले जाने का मामला घरवालों की सूचना पर जनकगंज थाने में दर्ज किया गया था। पुलिस के दबाव के बाद रात में ही किशोरी व कृष्णा जैन थाने में हाजिर हो गए। पुलिस ने आरोपित को अपनी अभिरक्षा में ले लिया और किशोरी को महिला पुलिस अधिकारी के सामने बात करने के लिए बैठा दिया। अचानक आरोपित की हालत बिगड़ने पर पता चला कि उसने जहर खा लिया। किशोरी ने भी पुलिस को बताया कि दोनों तय करके आए थे कि वे एक साथ आत्महत्या कर लेंगे। इसी इरादे से माउथ फ्रेशनर में जहरीला पदार्थ मिलाकर लाए थे। आरोपित को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। शुक्रवार की सुबह उसकी मौत हो गई। एसएसपी अमित सांघी के अनुरोध पर पुलिस अभिरक्षा में युवक के आत्महत्या के मामले में न्यायिक जांच शुरू हो गई है।

यह है चूकः सामान्य प्रक्रिया के तहत जब किसी आरोपित को पुलिस अभिरक्षा में लेती है तो सबसे पहले उसकी जेबें टटोलती है। अभिरक्षा में लिए गए व्यक्ति की तलाशी संतरी से हेडमोहर्रिर सामने खड़े होकर कराता है। पुड़िया व बीड़ी सिगरेट, माचिस रुपये-पैसे, मोबाइल, घड़ी,अंगूठी व चेन उतरवाकर हेड मोहर्रिर के पास जमा किया जाता है। यहां तक हाथ में बंधा कलावा खुलवा दिया जाता है। सवाल उठता है कि फिर कृष्णा को अभिरक्षा में लेते समय उसकी तलाशी लेने में चूक कैसे हो गई। थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखने के बाद भी यह तय नहीं हो पाया कि उसने जहर कहां खाया। माना जा रहा है कि आरोपित ने थाने में ही जहरीला पदार्थ खाया है।

वर्जन-

जांच में जनकगंज थाना प्रभारी व एएसआइ, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक व संतरी की सीधे कोई चूक सामने नहीं आई है। न्यायिक प्रक्रिया का पालन कराने के लिए चारों को लाइन हाजिर किया है, ताकि न्यायिक जांच किसी तरीके से बाधित नहीं हो। जांच में सीसीटीवी फुटेज भी चेक किए गए हैं। किशोरी व आरोपित के थाने पहुंचने पर दोनों के परिवार के लोग भी थाने में मौजूद थे। उन्ही के सामने कार्रवाई चल रही थी। दोनों परिवारों में से किसी ने पुलिस पर कोई सीधा आरोप भी नहीं लगाया है।

अमित सांघी, एसएसपी

Posted By: vikash.pandey

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close