ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर चैंबर आफ कामर्स ने द इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट आफ इंडिया की ग्वालियर शाखा से परिचर्चा रखी। विषय एमएसएमई किस तरह से देश के विकास में किस तरह से योगदान दे रही है तय किया गया। विषय विशेषज्ञ समकित भंडारी व सीए समर्थ दोनेरिया ने बताया कि एमएसएमई का देश की जीडीपी में अहम योगदान है। देश के विकास में 60 से 70 फीसद ग्रोथ एमएसएमई सेक्टर से होती है।

चैंबर के अध्यक्ष विजय गोयल व उपाध्यक्ष पारस जैन ने कहा कि 116 वर्ष पुरानी इस संस्था ने कारोबारियों एवं शासन के मध्य सेतु का कार्य किया है। आज की परिचर्चा से हम एमएसएमई की योजनाओं से निश्चित ही फलीभूत होंगे। सीए समकित भंडारी ने कहा कि आजाादी के बाद देश में कृषि विकास पर ध्यान दिया गया। अब सरकारें एमएसएमई पर ध्यान दे रही हैं। एमएसएमई के विकास के लिए इंडस्ट्रियल कोरीडोर बनाए गए हैं। दिल्ली से कोच्चि तक यह कोरीडोर बना हुआ है, जो प्रदेश के आठ जिलों से होकर गुजरता है। इसमें ग्वालियर भी शामिल है। जिन देशों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया उनकी अर्थव्यवस्था चौपट हो गई जैसे श्रीलंका और पाकिस्तान। एमएसएमई के तहत पंजीयन कराने में व्यापारी को लाभ है। यदि आप को उत्पाद बनाकर विक्रय करते हैं और 45 दिन में भुगतान नहीं मिलता तो क्रेता से 18 फीसद ब्याज के साथ भुगतान प्राप्त करने की पत्रता है। 25 फीसद सरकारी खरीदारी एमएसएमई से ही की जाती है।

सीएमएचओ ने किया निरीक्षण, गायब मिले डाक्टरों को नोटिसः जिला अस्पताल की ओपीडी में डाक्टर सोमवार को अनुपस्थित थे। जिसको लेकर सीएमएचओ डा. मनीष शर्मा ने नाराजगी जताई। दोपहर के समय सीएमएचओ डा. शर्मा जिला अस्पताल की ओपीडी अचानक जा पहुंचे। वहां देखा तो अधिकांश डाक्टर गायब थे। जबकि मरीज कतार में लगे हुए थे। वह अस्पताल में तीन बजे तक रुके पर डाक्टर लंच के बाद भी वापस नहीं लौटे। इसको लेकर उन्होंने नाराजगी जताई और अनुपस्थित डाक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

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