- शहर के युवा भारतीय व्यंजनों से महका रहे विदेशी धरती

International Chef's Day: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। होटल या रेस्टोरेंट में खाना खाते समय हम लजीज व्यंजनों के स्वाद की तो तारीफ करते हैं, लेकिन यह नहीं सोचते व्यंजनों को किसने किस तरह से बनाया। हालांकि कुछ स्वाद के दीवाने शेफ तक पहुंचते हैं और उनके प्रयासों की प्रशंसा भी करते हैं। हमारे शहर ने भी कुछ ऐसे शेफ दिए हैं, जो विदेशी धरती पर भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने का सफल प्रयास कर रहे हैं। वे विदेशी धरती के होटल अथवा रेस्टोरेंट में काम कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय शेफ दिवस पर जब उनसे फोन पर चर्चा की गई तो उन्होंने बताया विदेशी भारतीय पकवानों के दीवाने हैं। वे कढ़ी और दाल चावल के साथ बैगन के भर्ते की भी डिमांड करते हैं। इन युवाओं ने बताया विदेशियों तक भारतीय व्यंजनों को पहुंचाने के लिए उन्हें थोड़ी सी मेहनत करनी पड़ी, क्योंकि प्रबंधन ने आसानी से भारतीय व्यंजनों को मैन्यू कार्ड का हिस्सा नहीं बनाया, लेकिन एक बार वे कार्ड पर आए तो फिर हटे नहीं। स्वाद की दुनिया में परचम फहराने वाले इन युवाओं ने महाराजपुरा स्थित आइएचएम से पढ़ाई की है। उन्होंने बताया विदेशी त्योहारों के समय वहां के परिवार भारतीय व्यंजनों को अपनी थाली का हिस्सा बनाते हैं।

कबाब और क्रंची समोसा बने पसंद

अविनाश सिंह बताते हैं उन्होंने न्यूयार्क में इंडियन फूड कुजिन नाम से रेस्टोरेंट खोला है। यहां आने वाले सदस्यों को वे सिर्फ भारतीय व्यंजन ही सर्व करते हैं। न्यूयार्क के लोग कबाब, समोसा, कढ़ी और चिकन जैसे अन्य भारतीय व्यंजनों के दीवाने हैं। सौ में 70 लोग चिकन समोसा और कढ़ी की मांग करते हैं। यह उनका पंसदीदा नाश्ता है। देखकर अच्छा लगता है। किचन से उड़ती भारतीय व्यंजनों की महक वहां रहने वाले भारतीय परिवारों को गौरवान्वित करती है, क्योंकि इस महक में भारतीय संस्कृति की शान छिपी रहती है।

फूड फेस्ट में भारतीय व्यंजनों की धूम

दुबई के मैरिएट होटल में काम कर रहे मयंक शर्मा ने बताया यहां फूड फेस्ट होता है, जिसमें भारतीय व्यंजनों की धूम रहती है। इसकी बड़ी वजह यहां रहने वाले 65 प्रतिशत भारतीयों की संख्या को भी माना जा सकता है। फेस्ट में भारतीय व्यंजनों को विशेष ढंग से सजाया जाता है। मूलरूप से दुबई के रहने वाले परिवार चटनी के साथ हमारे देश का समोसा खाना सर्वाधिक पसंद करते हैं। नॉन वेज में बटर चिकन, कबाब,बिरयानी की मांग रखते हैं। इतना ही नहीं यहां राजस्थानी, पंजाबी और गुजराती भोजन की खासी मांग है।

विद्यार्थियों को दी जा रही हर तरह की ट्रेनिंग

आइएचएम के शेफ फिरोज खान ने बताया धीरे-धीरे विद्यार्थियों की दिलचस्पी शेफ बनने के प्रति बढ़ रही है। अगर सर्वे कराया जाए तो सौ में से 50 युवा शेफ बनने की बात कहेंगे। इसके अलावा आइएचएम में विद्यार्थियों को हर रीजनल और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कुजिन की ट्रेनिंग दी जा रही है। यही वजह है यहां से निकले युवा विदेशी धरती को महका रहे हैं।

Posted By: anil.tomar

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