- देश के कृषिमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा- एग्रीकल्चर डिजिटल मिशन कृषि विभाग में क्रांतिकारी कदम

वीरेंद्र तिवारी. नईदुनिया। किसान को कम फसल बीमा मिलना, बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने में दिक्कतें और किसान सम्मान निधि में गड़बड़ी सहित कई समस्याएं अब बहुत समय की मेहमान रह गई हैं। देश का कृषि विभाग वृहद एग्रीकल्चर डिजिटल मिशन पर काम कर रहा है जो किसानों की रोजमर्रा की शिकायतों में अप्रत्याशित रूप से कमी ला देगा। यह बात देश के कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने नईदुनिया से विशेष बातचीत करते हुए कही। तोमर दो दिनी ग्वालियर-चंबल दौरे पर थे।

मिशन के संबंध में और ज्यादा जानकारी देते हुए तोमर कहते हैं कि किसान की सारी भूमि, उस भूमि पर क्या फसल किसान ले रहा है साथ ही उस पर कितना कर्जा है इसका सारा डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। हर किसान को एक यूनिक नंबर मिलेगा। उस यूनिक नंबर से एक क्लिक पर यह जाना जा सकता है कि किसान को किसान सम्मान निधि मिल भी रही है कि नहीं। किसान को फसल बीमा की क्या स्थिति है। उपरोक्त डेटबेस का एक्सेस बैंकों को भी दिया जाएगा जिससे वह तुरंत पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड बना दे। अभी किसान को क्षेत्र के प्रत्येक बैंक में एनओसी लेना जाना होता है बैंक उसकी भूमि की सर्च प्रक्रिया पृथक से कराती है।

माइक्रोसाफ्ट,अमेजन जैसी कंपनियां बना रही मॉडल

- तोमर के अनुसार कई नामी टेक कंपनियों से देश के विभिन्ना जिलों में इस डिजिटल मैपिंग मॉडल पर काम किया जा रहा है। जिस कंपनी का मॉडल सबसे बेहतर होगा उसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। उपरोक्त कंपनियों से एमओयू किया गया है जो निशुल्क सेवाएं दे रही हैं। इसके अतिरिक्त किसानों की भूमि से आधार कार्ड को लिंक करना इसी प्रोजेक्ट का एक हिस्सा है। अभी तक साढ़े पांच करोड़ खाते लिंक किए जा चुके हैं इस साल इसे आठ करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

फसल बीमा वरदान बनी

तोमर के अनुसार पीएम फसल बीमा योजना ने किसानों की स्थिति में सुधार किया है। अभी तक 21 हजार करोड़ रुपये का प्रीमियम पीएम फसल योजना के तहत किसानों से मिला जबकि करीब 99 हजार करोड़ रुपये के दावों का भुगतान हुआ। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह योजना कितनी लाभप्रद है।

पीएम सम्मान निधि में गलती सुधारी

कृषि मंत्री ने कहा कि यह सही है कि शुरूआत में जब पीएम सम्मान निधि योजना शुरू हुई थी तब हड़बड़ी में राजस्व अमले ने गलत जानकारी दे दी थी जिससे अपात्रों के खाते में भी राशि पहुंच गई थी। लेकिन यह गलती पूरी तरह से सुधार ली गई है अब किसी भी अपात्र के खाते में राशि नहीं जा रही है। जिनके खाते में पहले पहुंच चुकी है उनसे वसूली की जा रही है।

फिलहाल एयरपोर्ट का विस्तार ही पर्याप्त होगा

तोमर ने कहा कि आलू केंद्र की जमीन का आवंटन ग्वालियर एयरपोर्ट विस्तार के लिए होने से इस दिशा की बड़ी वाधा दूर हो गई है। नये एयरटर्मिनल बनने से इस क्षेत्र की कई दशकों की हवाई सेवाओं की जरूरत पूरी हो जाएगी।

टूरिज्म में हमारे यहां प्रयोग नहीं होते

तोमर ने स्वीकार किया कि ग्वालियर-चंबल में टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं लेकिन हमारे यहां प्रयोग ही नहीं होते। गुजरात का रणमहोत्सव,राजस्थान का डेजर्ट फेस्टीवल के जैसे हमारे चंबल में भी महोत्सव शुरू किया जा सकता है लेकिन बहुत बातें लोगों की इच्छा पर भी निर्भर करती हैं। इस इलाके के लिए 100 करोड़ की योजना बनाई गई थी।

Posted By: anil.tomar

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