ग्वालियर। एजी ऑफिस के पीछे ट्रेन से कटकर जीवाजी यूनिवर्सिटी के लैब असिस्टेंट परमानंद तिलवानी ने गुरुवार की दोपहर को ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। मृतक ने आत्महत्या करने से पहले रेलवे ट्रैक से कॉल लगाकर परिजनों से बात की थी। मृतक यूनिवर्सिटी में नौकरी करने के साथ लेन-देन का भी काम करता था। परमानंद साढ़े तीन से चार करोड़ के लेनदेन में फंस गया था। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए थे।

ढाई घंटे तक झांसी रोड, यूनिवर्सिटी थाना पुलिस व रेलवे पुलिस के बीच सीमा विवाद में मामला फंसा रहा। इस कारण शव वहीं पड़ा रहा। झांसी रोड थाना पुलिस खुदकुशी करने का कारण पता लगाने के लिए जांच कर रही है। एजी ऑफिस के पीछे स्थित रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति के कटने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। मृतक के आत्महत्या करने से पहले परिजनों को कॉल लगाने पर वह भी परमानंद तिलवानी को तलाशते हुए एजी ऑफिस पुल के पीछे पहुंच गए। ट्रैक पर परमानंद तिलवानी का शव पड़ा था। लेकिन रेलवे पुलिस व जिला पुलिस कार्रवाई करने की बजाय शव को ट्रैक पर पड़ा छोड़कर सीमा विवाद में उलझ गए।

ढाई घंटे की माथापच्ची के बाद झांसी रोड थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुये शव को डॉक्टरी परीक्षण के लिए डेड हाउस पहुंचा दिया। पुलिस ने बताया कि स्पॉट पर मृतक की जेबों की तलाशी ली थी। मोबाइल के अलावा कुछ नहीं मिला। पुलिस ने सुसाइड नोट भी मिलने से इनकार किया है। मृतक ने खुदकुशी करने से पहले किनकिन लोगों से बात की है। इसका पता मोबाइल की डिटेल से लग जाएगा।

रुपयों के लेन-देन फंस गए थे

मृतक के बड़े भाई वीरेंद्र तिलवानी ने बताया कि मृतक परमानंद तिलवानी जेयू में लैब असिस्टेंट के पद पर कार्य करते थे। सर्विस के साथ लेन-देन का काम भी करते थे। लोग भाई पर भरोसा कर अपना पैसा इनके माध्यम से ब्याज पर चलाते थे। जिन लोगों को पैसा दिया था। वह लौटने से मुकर गए। इस कारण वह साढ़े तीन करोड़ से चार करोड़ के लेनदेन में फंस गया था। परिजनों का कहना है कि लोग इन्हें परेशान कर रहे थे।

पुलिस की मौजूदगी में डेड बॉडी को गिट्टियों में घसीटा

पहले तो पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही। सीमा विवाद सुलझने के बाद शव को उठाने के बजाय गिट्टियों में से घसीटकर ले गए। घसीटने वाले रेलवे के गैंगमैन बताये जा रहे हैं। शव को गिटि्टयों पर घसीटे जाने पर मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी व जवान चुप्पी साध गए। जेयू कर्मचारी के आत्महत्या का वास्तविक कारण पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है।

Posted By: Saurabh Mishra