ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय में रिजल्टों में हो रही देर व गड़बड़ी को लेकर सोमवार को ढाई घंटे तक छात्रों ने खूब हंगामा किया। कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक सहित अन्य अधिकारियों को खरीखोटी सुनाई। छात्रों ने कहा कि पहले पास थे, फिर फेल कर दिया। अब अपने घरवालों को कैसे मुंह दिखाएं। क्या आपके ऑफिस में छात्र आत्महत्या करना शुरू कर दें, तभी आप व्यवस्थाएं सुधारेंगे। हम गरीब किसान के बेटे हैं। आपकी तरह मोटी तनख्वाह पाने वाले प्रोफेसर नहीं है हमारे पिता। अगर आपका बेटा पहले पास होता, फिर से फेल कर दिया जाता है तो आपको कैसा लगता। अधिकारी छात्रों के सवालों के जवाब नहीं दे पाए।

छात्रों के आंदोलन को उग्र होता देख उन्हें आश्वासन दिया गया कि बिना फीस जमा किए परीक्षा भवन में अपनी कॉपी देख सकता हैं। 6 साल बाद तीनों संगठन एक ही दिन आंदोलन करने जेयू पहुंच गए। जेयू की अव्यवस्थाओं पर हमला बोला।

जीवाजी विश्वविद्यालय ने शिक्षा को मजाक बना दिया है। 7 से 10 महीने रिजल्ट लेट कर दिए हैं, जो रिजल्ट आ रहे हैं, उनमें इतनी गलतियां आ रही है कि छात्र परेशान है। उन्हें सुधरवाने के लिए जेयू आना पड़ रहा है। उन्हें इस कमरे से उस कमरे घुमाया जा रहा है, लेकिन उसकी समस्या का हल नहीं मिल रहा है। इससे छात्र हताश होकर लौट रहा है। इसी स्थिति को देखते हुए लंबे समय बाद एक दिन में तीनों छात्र संगठन एक ही समय पर आंदोलन करने पहुंच गए। एनएसयूआई, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, डीएसओ संगठन बीएससी द्वितीय वर्ष के रिजल्ट में हुई गड़बड़ी की शिकायत करने पहुंचे। उनका कहना था कि 2 अक्टूबर को घोषित रिजल्ट में छात्र पास थे, लेकिन उसे हटा लिया गया। 7 अक्टूबर को फिर से रिजल्ट घोषित किया गया, उसमें फेल कर दिया गया।

दोबारा रिजल्ट आया, उसमें फर्स्ट डिवीजन छात्र फेल हो गया। अंक भी 48 फीसदी रह गए। छात्र के नंबर 34 थे, लेकिन बाद में 4 कर दिए गए। इन सभी गड़बड़ियों को आंदलन के माध्यम से उठाया गया।

छात्रों को कॉपियां दिखाई जाएंगी, शुल्क नहीं लिया जाएगा

एनएसयूआई ने कुलसचिव आईके मंसूरी के ऑफिस में हंगामा किया। उन्होंने जेयू के ऊपर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि पास छात्रों को फेल क्यों किया गया। रिजल्ट के बार घोषित होता है, बार-बार नहीं। आप कह रहे हैं कि कंपनी की वजह से गड़बड़ी हुई है, तो दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की। कॉपियां देखने के अब पैसे खर्च करे।

कुलसचिव आईके मंसूरी ने लिखित में आश्वासन दिया कि बीएससी द्वितीय वर्ष के जो छात्र कॉपियां देखना चाहते हैं, उनसे फीस नहीं ली जाएगी। बीए प्रथम वर्ष का रिजल्ट 15 अक्टूबर को शाम 5 बजे तक घोषित कर दिया जाएगा। जिन लोगों ने रिजल्ट में गड़बड़ी की है, उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

मार्कशीट समय पर दी जाए

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने गेट पर हंगामा किया। उन्होंने बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्रों को कॉपियों का पुर्न अवलोकन निःशुल्क कराया जाए। 2018 से छात्रों को मार्कशीट नहीं मिली है। वह छात्रों को दी जाएं। रिवेलुवेशन में किसी छात्र के नंबर बढ़ते हैं, उनसे फीस नहीं ली जाए। कुलसचिव ने इनकी मांगों को भी मान लिया।

300 किमी दूर से आते हैं, पर समस्या का हल नहीं निकला

डीएसओ ने भी प्रदर्शन कर बीएससी द्वितीय वर्ष में पास से फेल के मामले को उठाया। छात्रों ने कहा कि कई छात्र अशोकनगर गुना से आते हैं। एक तरफ से 300 किमी का सफर करना पड़ता है। हमारे पास इतना पैसा नहीं कि बार-बार आएं और अपनी समस्याएं बताएं। पहले पास फिर फेल कर दिया। कॉपियों को दोबारा जांच कराई जाए। पुर्न अवलोकन का पैसा नहीं लिया जाए। इनकी मांगे भी मान ली गईं।

छात्रों ने अधिकारियों पर यह लगाए आरोप

- छात्र को जानबूझकर फेल किया जाता है। ताकि नंबर बढ़ाने के पैसे मिल सके। एलएलबी के रिजल्ट में तीन गुना नंबर बढ़ते थे। लिखित में आश्वासन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।

- बीए फर्स्ट ईयर का रिजल्ट आया नहीं है। द्वितीय वर्ष की परीक्षा फार्म भरने की आखिरी आ गई। शिक्षा को कितना मजाक बनाओगे।

- परीक्षा खत्म होने के बाद एक महीने के भीतर रिजल्ट आ जाना चाहिए। यहां तो 7 से 10 महीने लग रहे हैं। छात्रों के लिए शत्र की शून्य कर दिया।

- गलती को सुधरवाने के लिए आएं तो कर्मचारी सीधे मुंह बात नहीं करते हैं। छात्रों को भगा देते हैं।

- बीकॉम का रिजल्ट भी 95 फीसदी रहा, उसे क्यों नहीं बदला गया।

मेरी फर्स्ट डिवीजन थी, फेल हो गया

मैं बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र हूं। मेरी फर्स्ट डिवीजन थी, लेकिन दोबारा रिजल्ट घोषित किया, उसमें फेल कर दिया। अंक 60 फीसदी से घटकर 48 फीसदी रह गए हैं।

शाहरुख खान, छात्र द्वितीय वर्ष साइंस कालेज

सप्लीमेंट्री कर दी

पास का रिजल्ट आया था। इससे में खुश था, लेकिन दोबारा रिजल्ट घोषित किया तो उसमें सप्लीमेंट्री बताई है। इससे काफी हताश हो चुका हूं। जेयू में कोई जवाब नहीं मिल रहा है।

-राहुल अहिरवार, छात्र बीएससी द्वितीय, साइंस कालेज

Posted By: Nai Dunia News Network