विजय सिंह राठाैर, ग्वालियर नईदुनिया। 14 दिसंबर 2021 प्रातः 7:49 से राहु वृषभ राशि में केतु वृश्चिक राशि में रहेंगे। इनके मध्य सारे ग्रह रहने से ब्रह्मांड में कालसर्प योग निष्पादित होगा। वैसे तो कालसर्प दोष काफी लंबे समय तक रहेगा, लेकिन चंद्रमा के कारण यह कालसर्प योग बीच-बीच में भंग भी होगा। क्योंकि चंद्रमा सवा दो दिन में राशि परिवर्तन करते हैं। ऐसे में चंद्रमा राहु को क्रास करेंगे तो कालसर्प योग खंडित होगा। 14 दिसंबर से जो काल सर्प योग बनेगा, वह कालसर्प योग 17 दिसंबर को चंद्रमा के बाहर आने से खंडित होगा। लेकिन यह कालसर्प योग पुनः 31 दिसंबर को सुबह 5 बजे से पुनः निष्पादित हो जाएगा, यानी इस बार 2022 की नई साल का आरंभ काल सर्प योग में ही होगा। 13 जनवरी को फिर यह योग खंडित होगा, यानी 14 से 15 दिन में यह कालसर्प योग खंडित रहेगा। 27 जनवरी से फिर से यह योग प्रारंभ होकर 24 अप्रैल 2022 तक रहेगा और पूर्ण रूप से समाप्त भी हो जाएगा।

बालाजी धाम काली माता मंदिर के ज्योतिषाचार्य डा. सतीश सोनी के अनुसार जब कालसर्प योग ब्रह्मांड में बनता है। तब बाकी ग्रह एक तरफ आते हैं। जिसके कारण उन ग्रहों की ताकत कम हो जाती है। अच्छे ग्रह अपना पूरा प्रभाव नहीं दे पाते। वहीं बुरे ग्रह अपनी पूरी ताकत के साथ रहते हैं। जिन जातकों की कुंडली में कालसर्प योग शुभ है। उनके शुभ फलों में इस समय वृद्धि होगी और जिन जातकों की कुंडली में कालसर्प दोष नेगेटिव है। उन लोगों को इस समय तकलीफ ज्यादा रहेगी। राहु ,केतु के परिधि के अंदर सभी ग्रहों के आ जाने से उनके प्रभाव में कमी अवश्य आती है। 14 दिसंबर 2021 से 24 अप्रैल 2022 तक कालसर्प योग की परिधि के अंदर ही राहु ,केतु राशि परिवर्तन भी करेंगे। 12 अप्रैल 2022 को राहू 13 बज कर 30 मिनट पर राशि बदलकर मेष में प्रवेश करेंगे। वहीं केतु तुला राशि में प्रवेश करेंगे।

खासतौर पर इसी समय यूपी के चुनाव तथा पंजाब के चुनाव एवं नए साल का जश्न भी लोग मनाएंगे। नए साल के जश्न के अंदर नियम और कायदों का फालो करना अवश्य रहेगा। क्योंकि राहू, केतु के कारण जरा सी भी चूक नुकसानदायक हो सकती है। इसलिए शराब तथा हुददंग करने से जातकों को बचना चाहिए। क्योंकि इस समय ब्रह्मांड में कालसर्प योग निष्पादित रहेगा। विश्व में इस समय टेंशन तो रहेगा ही, सीमा पर दिक्कतें भी हो सकती हैं, पर सामान्य लोगों के लिए यह समय बेहतर होगा। इसके साथ ही इस समय जिन जातकों के घर में संतान का जन्म होगा, उनकी कुंडली में कालसर्प योग निष्पादित होकर आएगा।

क्या करें इस समयः जिन जातकों की जन्म पत्रिका के अंदर कालसर्प योग नेगेटिव प्रभाव दे रहा है। वह जातक इस समय कालसर्प दोष की शांति अवश्य कराएं। क्योंकि इस समय ब्रह्मांड में भी कालसर्प योग निष्पादित है। इसलिए इस समय कालसर्प दोष की शांति विशेष तौर पर सर्वोपरि रहेगी। वहीं कालसर्प दोष की मुक्ति के लिए किसी सपेरे के नाग नागिन को अपने द्वारा मुक्त कराएं। साथ ही ब्रह्मांड में कालसर्प योग के निष्पादित के समय जातक तांबे के नाग नागिन का पूजन करके बहते हुए पानी में छोड़ें।

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