- इस माह के अंत तक या अगस्त में जीवाजी विश्वविद्यालय पहुंच सकती है नैक की टीम, तैयारी अधूरी

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जीवाजी विश्वविद्यालय में नैक (नेशनल असेसमेंट एंड एक्रिडिएशन काउंसिल) की टीम जुलाई-अगस्त माह में कभी भी निरीक्षण कर सकती है। जीवाजी विश्वविद्यालय ने इस बार ए प्लस-प्लस की कैटेगरी के लिए आवेदन किया है, प्रोफेसरों की कम संख्या के होने कारण जेयू का इस श्रेणी में शामिल होना संभव नहीं दिख रहा है। हालांकि इसके लिए जीवाजी विश्वविद्यालय ने विज्ञापन जारी कर नए प्रोफेसरों की भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ करने की बात कही है।

जीवाजी विश्वविद्यालय में प्रोफेसरों की काफी कमी है, विश्वविद्यालय में इस समय केवल 36 प्रोफेसर हैं, जबकि 104 प्रोफेसरों के पद हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय में छात्रों को शिक्षा केवल 30 प्रतिशत प्रोफेसरों ही दे रहे हैं। वहीं नैक का नियम है कि ए प्लस-प्लस की श्रेणी उसी विश्वविद्यालय को दी जा सकती है जिसके पास पूरी संख्या में प्रोफेसर हों। लंबे समय से विश्वविद्यालय में प्रोफेसरों की भर्ती नहीं हुई है, इसके चलते छात्रों को पढ़ाने का दारोमदार अतिथि विद्घानों के ऊपर है।

2015 में मिले थे 3006 अंक: निरीक्षण में 1000 अंक औसत रहते हैं, जीवाजी विवि को 2015 के निरीक्षण में 3006 अंक मिले थे, इसके चलते जीवाजी विश्वविद्यालय की सीपीजीपी 3.06 रही थी।

2015 में हुआ था निरीक्षण: जीवाजी विश्वविद्यालय में नैक की टीम ने वर्ष 2015 में निरीक्षण किया था। अब जुलाई 2022 में नैक की टीम जीवाजी विश्वविद्यालय का निरीक्षण करने आ रही है। निरीक्षण सात मापदंडों पर किया जाएगा। इस निरीक्षण के लिए 2015 से लेकर अभी तक किए गए कार्याे का विवरण भी तैयार किया जा रहा है।

दो मार्च 2015 को मिला था ए ग्रेड का दर्जा़जिीवाजी विश्वविद्यालय को ए ग्रेड का दर्जा दो मार्च 2015 को मिला था। तीन मार्च 2020 तक इस ग्रेड का प्रभाव रहा, लेकिन इस दौरान कोरोनाकाल प्रारंभ हो गया, जिसके कारण नैक की टीम आगे निरीक्षण नहीं कर सकी। कोरोना की वजह से दिसंबर 2021 तक नैक के प्रभाव को बढा दिया था। अब जुलाई - अगस्त में नैक की टीम कभी भी निरीक्षण कर सकती है।

ऐसे देती है टीम निरीक्षण: नैक की टीम 70 प्रतिशत अंक छात्रों की संतुष्टि के आधार पर देती है, जबकि 30 प्रतिशत अंक नैक की टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के आधार पर मिलते हैं।

जीवाजी विश्वविद्यालय में प्रोफेसरों की कमी है। लंबे समय से यहां भर्ती नहीं हुई है। ऐसे में हमने अभी 39 प्रोफेसरों की भर्ती का विज्ञापन निकाला है। साथ ही वित्तीय विभाग से भी 84 सीटों के लिए इजाजत मिल गई है। साथ ही अन्य प्रोफेसरों की भर्ती के लिए भी जल्द विज्ञापन निकालने वाले हैं।

सुशील मंडेरिया, कुलसचिव जीवाजी विश्वविद्यालय

Posted By: anil tomar

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