- सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाओं से लोगों को अवगत कराया जाए

ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। हाई कोर्ट की युगल पीठ ने अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कोविड-19 के संक्रमण के दौरान मरीजों को जिस तरह से निजी अस्पतालों ने लूटा था, वैसा डेंगू में न हो सके। निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि मरीज को सामान्य दर पर इलाज मिल जाए। मौके पर कार्रवाई दिखनी चाहिए। यदि पालन प्रतिवेदन में जो कार्रवाई व सुधार बताए जाएंगे, उसका हम अपने जजों से सत्यापन कराएंगे। यदि मौके पर एेसा नहीं दिखता है तो कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। इसके अलावा सरकारी अस्पताल में डेंगू के उपचार की क्या व्यवस्था है। खाली बेड व अन्य जानकारी हर दिन जनता को दी जाए। कोर्ट ने 6 दिसंबर तक पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट मांगी है।

अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया ने हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर नगर निगम व प्रशासन को शहर सहित गांव में डेंगू को खत्म करने के लिए दिशा निर्देश जारी किए थे। गंदा पानी, कचरा सफा किया जाए। नगर नगर निगम की ओर से अधिवक्ता दीपक खोत ने पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट पेश कर बताया कि वार्ड स्तर पर टास्क फोर्स बना दिए हैं। गली गली में दवा का छिड़काव कर रहे है। फोगिंग की जा रही है। इसकी मॉनिटरिंग भी की जा रही है। यह टास्क फाेर्स कलेक्टर के निर्देश पर बनाए गए थे। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल के संबंध में जानकारी दी। सीएमएचओ डा मनीश शर्मा व जेएएच अधीक्षक अारकेएस धाकड़ सुनवाई के दौरान मौजूद रहे। कोर्ट ने दोनों डाक्टरों से स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। कोर्ट ने फिर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। यह रिपोर्ट 6 दिसंबर से पहले पेश करनी होगी। इसमें अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी देनी होगी।

बहस के दौरान कोर्ट ने यह किए सवाल

कोर्ट- शहर में कितने निजी अस्पताल हैं। इन पर नियंत्रण कैसे होता है।

सीएमएचओ- 300 निजी अस्पताल संचालित हैं। नर्सिंग होम एक्ट के तहत संचालित किए जाते हैं।

कोर्ट- ये मरीज से इलाज के बदले में कितना पैसा ले रहे हैं। इसकी जांच की जा रही है। हम नहीं चाहते कि कोविड-19 की तहत डेंगू के दौरान पैसा वसूल किया जाए।

सीएमएचओ: इनके समय-समय पर निरीक्षण किए जाते हैं।

कोर्ट- गांव में इलाज की क्या व्यवस्था हैं, वहां के मरीज कहां भर्ती होते हैं। कितने मरीज आ रहे हैं

सीएमएचओ: ओपीडी की व्यवस्था है। ब्लाक स्तर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डाक्टर बैठते हैं। भर्ती के लिए शहर आना पड़ता है।

कोर्ट- जेएएच में क्या व्यवस्थाएं है, कितने मरीज आ रहे हैं

अधीक्षक- बच्चों के लिए अलग से वार्ड है। 35 मरीज आए थे। भर्ती कम हो रहे हैं।

Posted By: anil.tomar

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