- आबकारी विभाग पचास मीटर के दायरे के नियम पर बैठा,समाज पर बुरा प्रभाव

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। स्कूल, कालेज, मंदिर और शैक्षणिक संस्थानों के 50 मीटर के दायरे में शराब दुकान नहीं खुलेगी। हकीकत में यह आबकारी विभाग का नियम नहीं धोखा है। एक-एक मीटर की दूरी भले ही आबकारी के अफसर नापकर बैठे हों, लेकिन स्कूल, कालेज, मंदिरों के आसपास खूब शराब दुकानें हैं। बीच बाजारों तक में जगह-जगह दुकानें खोल दी गई हैं। नई शराब नीति में कंपोजिट दुकानों के कारण स्थिति और खराब हुई है। नईदुनिया ने शुक्रवार को शहर में बाजार, स्कूल, कालेज के आसपास शराब दुकानों की स्थिति देखी, यही सामने आया कि ऐसे स्थानों के आसपास शराब ही शराब की दुकानें जम गई हैं।

ज्ञात रहे कि नई शराब नीति में कंपोजिट दुकानों को प्रविधान किया गया है। इसमें देसी और विदेशी शराब एक ही जगह मिलेंगी। इसी कारण ग्वालियर में जहां पहले 38 दुकानों पर अंग्रेजी शराब मिलती थी अब जिले में कुल 112 दुकानों पर शराब मिल रही है। देसी शराब भी इन दुकानों पर उपलब्ध है। नई शराब नीति को लेकर सवाल भी उठाए गए थे और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती इसको लेकर विरोध भी जता चुकी हैं। सरकार को आबकारी विभाग से बड़ा राजस्व मिलता है,यही कारण है कि शराब की दुकानों को कम नहीं किया जा रहा है।

जेयू के चारों ओर शराब दुकाने

जीवाजी यूनिवर्सिटी जैसे बड़े शैक्षणिक संस्थान के चारों ओर शराब की दुकानें हैं। गोविंदपुरी रोड, सिटी सेंटर, अल्कापुरी रोड,सचिन तेंदुलकर मार्ग यह ऐसे स्पाट हैं जो जेयू के आसपास हैं और शराब की दुकानें खुली हुई हैं। जेयू में दो गेट आवागमन के हैं और छात्र छात्राओं की बड़ी संख्या रहती है।

संस्थान-बाजार: सब जगह शराब की दुकान

- अंचल का सबसे बड़े गर्ल्स कालेज केआरजी और केआरएच अस्पताल के पास शराब की दुकान हैं। यह मुख्य बाजार क्षेत्र हैं और छात्र-छात्राओं,मरीज-अटेंडर के साथ लोगों का यहां ज्यादा आवागमन होता है।

- कंपू पर बटालियन के पेट्रोल पंप के पास महिलाओं के लिए हाकर्स जोन स्थापित किया गया है। यहां पास में शराब की दुकान स्थित है।

- फूलबाग पर मार्केडेश्वर मंदिर और कोचिंग हब के पास बड़ी शराब की दुकान है। यहां इस शराब दुकान के कारण काफी भीड़ लगी रहती है। मुख्य रोड होने के कारण ट्रैफिक यहां से काफी निकलता है।

- राक्सी टाकीज क्षेत्र, जहां कोचिंग सेंटर काफी संख्या में हैं, यहां भी पास में शराब की दुकान है, छात्र-छात्राओं का यहां आवागमन रहता है।

- शिंदे की छावनी चौराहा पर बनी कंपोजिट दुकान के ठीक पीछे ही प्राचीन मंदिर है और यह मुख्य चौराहा है जहां शराब दुकान खोल दी गई है।

आबकारी नियमों के अनुसार स्कूल, कालेज, मंदिर आदि के पचास मीटर के दायरे में शराब दुकान नहीं खोली जा सकती है। शराब दुकान अगर इस दायरे में खुली है तो जांच कराई जाएगी। स्थापना से पूर्व इस नियम का विशेष ध्यान रखा जाता है।

सुरेंद्र सिंह राठौर, जिला कंट्रोलर, आबकारी

Posted By: anil.tomar

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