Live MP Floods Updates: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चाैहान बुधवार काे दाेपहर करीब सवा एक बजे ग्वालियर पहुंचे। यहां पर संभागायुक्त, आइजी, कलेक्टर, एसपी व भाजपा नेताओं ने उनकी आगवानी की। प्रशासन, पुलिस व वायुसेना के अधिकारियाें से सीएम ने बाढ़ की स्थिति का अपडेट लिया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चाैहान ने कहा कि ग्वालियर चंबल अंचल के करीब 1250 गांव बाढ़ प्रभावित हैं। इनमें से 250 गांवाें में रेस्क्यू अभियान चलाया जा चुका है। यहां से करीब 5950 लाेगाें काे बाढ़ प्रभावित इलाकाें से निकालकर सुरक्षित स्थानाें पर पहुंचाया जा चुका है। जबकि 1900 लाेगाें काे अब भी निकालने के प्रयास जारी हैं।इसके बाद मुख्यमंत्री ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया और श्योपुर जिले के रिठौरा, मारकोनी , नरवर , पुल्हा, जातखेड़ा,पाली, कोटरा, भहरावदा,काली पहाड़ी, मेवाड़ा ज्वालापुर , जलपरी भितरवार सहित विभिन्न क्षेत्रों के हवाई दौरे पर रवाना हाे गए। गाैरतलब है कि ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना, श्याेपुर सभी जगह भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। नदियाें में बाढ़ आने के कारण भाेपाल व इंदाैर की तरफ जाने वाली ट्रेनाें काे रद्द कर दिया गया है। वहीं दतिया में सनकुआ पुल भी ढह गया है। उधर भिंड के राैन में शासकीय हाई स्कूल की इमारत धराशायी हाे गई है। जबकि दतिया के सेवढ़ा में नए अस्पताल में पानी भर जाने के कारण ओपीडी बंद करना पड़ी है।

शिवपुरी, दतिया में बचाव कार्य के लिए हेलीकॉप्टर काे लगाया गया था, लेकिन खराब माैसम की वजह से हेलीकॉप्टर उड़ान ही नहीं भर सके हैं। ऐसे में यहां पर सेना काे बचाव कार्य में लगाया गया है। अंचल में करीब 300 से ज्यादा गांव की बाढ़ की चपेट में हैं। सरकारी रिकार्ड के अनुसार अंचल के 104 गांव बाढ़ पीड़ित हैं, हालांकि हकीकत में करीब दाे साै गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। वहीं अब तक 3400 लाेगाें काे रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थानाें पर पहुंचाया जा चुका है। वहीं स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियाें के मुताबिक अभी करीब ढाई साै लाेगाें काे निकालने के लिए रेस्क्यू आपरेशन जारी है। कुल मिलाकर हालात भयावह हाेते जा रहे हैं। सभी जिलाें के प्रभारी मंत्री खुद कंट्राेल रूम में बैठकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

शिवपुरीः शिवपुरी में कूनाे, क्वारी नदी के उफान में आने के बाद कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। बुधवार काे सुबह सतनवाड़ा (शिवपुरी), चिताहरी (करैरा), भड़ौता, बैगनवां(कोलारस), बैराड़ में एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू आपरेशन में जुटी हुई हैं। सेना, एनडीआरएफ की टीम ने करैरा के पुला, चिताहरा, सूंड क्षेत्र से 55 लाेगाें काे निकालकर सुरक्षित स्थानाें पर पहुंचा दिया है। वहीं एक अन्य गांव से नवजात सहित सात लाेगाें काे सुरक्षित निकाला गया है। यहां पर हेलीकॉप्टर काे भी राहत कार्य के लिए भेजा गया, लेकिन खराब माैसम के कारण वह काम नहीं कर पाए। ऐसे में सेना काे बचाव कार्य में लगाया गया है।शिवपुरी में करीब 50 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं।

श्याेपुरः श्याेपुर, विजयपुर में भारी बारिश के कारण केवल गांव ही नहीं शहरी क्षेत्र भी प्रभावित हुए हैं। कूनाें में आए उफान के बाद यहां पर मुख्य मार्ग उखड़ गया है, कई जगह सड़क उखड़ने से ट्रैफिक पूरी तरह से बंद हाे चुका है। गाैरतलब है कि सबसे पहले बारिश श्याेपुर के लिए आफत बनी थी। यहां पर खेत खलियान ही नहीं लाेगाें के घराें में भी पानी भर गया था। माेबाइल नेटवर्क भी काम नहीं कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन एसडीआरएफ व एनडीआरएफ के सहयाेग से लाेगाें काे बाढ़ के बीच से निकालने में जुटे हुए हैं। शासकीय रिकार्ड के अनुसार यहां पर बाढ़ से 30 गांव प्रभावित हुए हैं। यहां करीब 1000-1500 लाेगाें काे अब तक बाढ़ से बचाकर सुरक्षित स्थानाें पर पहुंचाया जा चुका है। वहीं एक हजार लाेग अब भी ज्वालापुर, भेरावदा, मेवाड़, जातखेड़ा में फंसे हुए हैं, जिनकाे निकालने के लिए रेस्क्यू आपरेशन जारी है।

मुरैनाः चंबल वर्तमान में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। जिसके कारण यहां आसपास के इलाकाें में बाढ़ का पानी भर गया है। यहां 13 गांव बाढ़ प्रभावित बताए गए हैं। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक करीब तीन साै लाेगाें काे सुरक्षित निकाला जा चुका है। जबकि 200 लाेगाें काे बचाने के लिए राहत कार्य जारी है। लाेगाें के खेत खलियान में पानी भर जाने के कारण फसलाें काे भी काफी नुकसान हुआ है।

दतियाः सिंध नदी के उफान पर आने के बाद यहां भी तेजी से हालात बिगड़े हैं। रतनगढ़ माता मंदिर का पुल बारिश के पानी में बह गया, सनकुआ धाम भी पानी में डूब गया। यहां भी बचाव कार्य के लिए सेना काे मैदान में उतारा गया है। वर्तमान में यहां पाली गांव में 43 ग्रामीण एक टापू पर फंस गए हैं, जिनकाे सुरक्षित बाहर निकालने में सेना के जवान जुटे हुए हैं। अब तक 17 ग्रामीणाें काे सुरक्षित निकाला जा चुका है। अभी तहसीलदार सुनील भदाैरिया सहित 26 ग्रामीण अभी भी टापू पर फंसे हैं। इन लाेगाें काे सुरक्षित निकालने के लिए सेना के जवान प्रयास कर रहे हैं। दतिया में 36 गांव बाढ़ पीड़ित बताए गए हैं। यहां से अब तक 1100 लाेगाें काे सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि 45 लाेग ग्राम पाली, काेटरा चाैकी पर फंसे हुए हैं। जिनकाे निकालने के लिए बचाव कार्य जारी है। गृह मंत्री डा नराेत्तम मिश्रा भी आज सुबह दतिया पहुंचे। यहां पर उन्हाेंने बाढ़ प्रभावित लाेगाें से मुलाकात करने के साथ ही बाढ़ पीड़ित इलाकाें का भी दाैरा किया है। वहीं सिंध नदी का बहाव तेज हाेने के कारण जिले काे लहार से जाेड़ने वाला पुल भी टूटकर बह गया है।

भिंडः सिंध नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन एवं पुलिस के द्वारा ग्राम सांदुरी के लोगों को सिंहपुरा पंचायत भवन में एवं ग्राम बछरेटा के लोगों को अड़ोखर कॉलेज में सुरक्षित शिफ्ट किया गया । छेंकुर के बाद असवार थाना अंतर्गत ग्राम गिरवासा,बरहा और लिलवारी भी बाढ़ के पानी की चपेट में आ गया है। इन गांवों के कई घरों में पानी भर चुका है। गिरवासा गांव में लगभग 100 घरो में पानी भर चुका है। निवासाई गांव का हर घर जलमग्न हाे चुका है। रौन, सेरौन ब्लॉक के निवसाई गांव में सिंध नदी के कहर से आधे ज्यादा गांव जलमग्न हाे चुके हैं। लाेगाें का कहना है कि नदी का यह राैद्र रूप कभी नहीं देखा। राैन में इंदुरखी विकासखंड में शासकीय हाई स्कूल का पूरा रिकॉर्ड पानी में डूब चुका है। यहां स्कूल की इमारत भी धराशायी हाे रही है। यहां चंबल के साथ ही सिंध नदी का खतरा भी मंडरा रहा है। जिसके कारण अमायन लहार के बीच सड़क मार्ग बंद करना पड़ा है। यहां करीब 25 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। एसपी मनाेज कुमार ने खुद यहां पर रेस्क्यू आपरेशन की कमान संभाल रखी है। यहां पर चंबल खतरे के निशाने के करीब पांच मीटर ऊपर बह रही है। सिंध नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। अब तक भिंड में 800 लाेगाें काे रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थानाें पर पहुंचाया जा चुका है। सात लाेग अब भी ग्राम गिरवसा में फंसे हुए हैं। जिनकाे निकालने के प्रयास जारी हैं।

ग्वालियरः सिंध नदी का जल स्तर बढ़ने का असर भितरवार में भी हुआ है। यहां पर पवाया गांव में 20 लाेग बाढ़ में फंस गए थे। बीएसएफ के जवानाें ने रेस्क्यू आपरेशन चलाकर इन सभी काे सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चाैहान ने इस कार्य के लिए बीएसएफ के जवानाें की प्रशंसा की है। वहीं भितरवार क्षेत्र से बाढ़ से सुरक्षित निकाले गए लाेगाें काे लखेश्वरी मंदिर में रखा गया है। यहां पर इनके खाने पानी का भी इंतजाम किया गया है।

Posted By: vikash.pandey

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