- तीन लुटरों से हो चुके 26 लाख की बरामदगी, बाकी की रकम और मास्टर माइंड की तलाश

Loot in Gwalior: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। डबरा में 35 लाख की लूट करने वाली गैंग के दो आरोपियों को पुलिस ने मौ भिंड से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों के कब्जे से पुलिस को लूट के 14 लाख रुपये और तमंचा मिला है। यह दोंनो आरोपी अपने जीजा के घर में छिपे हुए थे। मुखबिर से मिली सूचना पर पुलिस ने दोंनो आरोपितों को दबोच लिया। लूट की घटना को तीन बाइक सवार बदमाशों ने ठाकुर बाबा रोड पर 22 नवंबर को दिन दहाड़े गोलियां चलाकर रामसेवक बजाज से 35 लाख की लूट को अंजाम दिया था। पुलिस को तीनों लुटेरे मिल चुके हैं अब मास्टर माइंड संतोष चौहान की तलाश जारी है। जिसके मिलने के बाद शेष रकम भी बरामद हो जाएगी। एसएसपी अमित सांघी ने पत्रकार वार्ता में शनिवार की शाम, पकड़े गए लुटेरे और उनसे मिली रकम का खुलासा किया। इस माके पर क्राइम एएसपी राजेश दंडोतिया और डीएसपी क्राइम ऋषिकेश मीणा, डबरा एसडीओपी विवेक शर्मा मौजूद रहे।

दो दिन गाड़ी को दौड़ाकर उस पर जमाया हाथ-

डबरा की लूट की जिम्मेदारी प्रताप कुशवाह निवासी जड़ेरुआ, राजीवर बाल्मीक निवासी मौ भिंड और विकास को दी गई थी। प्रताप कुशवाह अपाचे गाड़ी को दौड़ाने में माहिर है इसलिए उसके कहने पर की अपाचे गाड़ी की चोरी की गई थी। प्रताप ने दो दिन चोरी की गई अपाचे गाड़ी का दौड़कर ट्रायल लिया। जिससे उसकी खामी सामने आ सके। राजीवर को बैग छीनने की जिम्मेदारी दी गई थी जबकि विकास को आवश्यकता पड़ने पर हवाई फायर करने की जिम्मेदारी थी। पुलिस ने विकास को तो दो दिन पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। शनिवार को राजवीर के जीजा के घर राजवीर और प्रताप छिपा हुआ था। जहां से मुखबिर की सूचना पर मय रकम के दबोच लिया गया।

तीन लूटें भी स्वीकारीं-

पकड़े गए तीनों शातिर लुटेरे विकास, प्रताप और राजवीर ने पिछोर से व्यापारी से की गई लूट काे स्वीकारा है। इसके साथ ही चीनौर में एक फायनेंस कंपनी के कर्मचारी के साथ हुई लूट को स्वीकार किया है। इसके साथ ही बदमाशों ने बताया कि घाटीगांव में अर्टिका कार की लूट भी उन्हाेंने की थी। इसके अतिरिक्त और कितनी लूटों को बदमाशों ने अंजाम दिया इसके बारे में पूछताछ की जा रही है।

लूट की रकम को बताया लाटरी लगी-

प्रताप कुशवाह का एक बेटा होटल में काम करता है और दूसरा बेटा नर्सिंग की पढ़ाई कर रहा है। प्रताप को लूट में सात लाख रुपये की हिस्सेदारी मिली थी। यह रकम लेकर जब प्रताप अपने घर पहुंचा तो पूरे परिवार के सामने रखते हुए बोला कि उसकी लाटरी लगी है,जिसमें उसे 7 लाख रुपये मिले हैं। जिसको लेकर पूरा घर खुश था। लेकिन जब डबरा में हुई लूट के बारे में समाचार पत्रों में खबरें पढ़ी गई तब भी घर वालों ने प्रताप से पूछा लेकिन प्रताप बिना कुछ बताए घर से चला गया था। पुलिस ने प्रताप के परिवार की लूट में भूमिका की जांच की जब कुछ नहीं मिला तो प्रताप के बेटों से पूछताछ कर छोड़ दिया गया।

Posted By: anil tomar

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