Lunar Eclipse 2020 : ग्वालियर। वर्ष 2020 में पड़ने वाले ग्रहणों में सिर्फ एक ग्रहण दिखाई देगा। जबकि इस साल 4 उप ग्रहण होंगे, जिसमें उप छाई चंद्रग्रहण पड़ेगा। इन ग्रहणों का भारत में कोई असर नहीं पड़ेगा 10 जनवरी को पड़ने वाला ग्रहण भी उप छाई चंद्रग्रहण है, जिसका कोई सूतक नहीं लगेगा। साथ ही मंदिरों के पट भी बंद नहीं होंगे। इन चार ग्रहणों का कोई भी प्रभाव जातकों की कुंडली एवं भारत की कुण्डली में देखने को नहीं मिलेगा। ज्योतिषाचार्य सतीश सोनी एवं एचसी जैन के अनुसार भारत में सिर्फ दो ग्रहण ही दिखाई देंगे। जिसमें पहला है 21 जून को पड़ने वाला सूर्यग्रहण और दूसरा है 14-15 दिसंबर को पड़ने वाला खंडग्रास सूर्यग्रहण। यह दोनों ही ग्रहण भारत में दिखाई देंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार निर्णय सागर पंचांग एवं ब्रजभूमि पंचांग तथा राजधानी पंचांग में बताया गया है कि उपछाया ग्रहण वास्तव में चंद्रग्रहण नहीं होता है।

प्रत्येक चंद्रग्रहण के पहले चंद्रमा पृथ्वी की उप छाया में प्रवेश करता है, जिसे मालिनी कहा जाता है। इसके बाद पृथ्वी की वास्तविक छाया में प्रवेश करता है। कई बार चंद्रमा उप छाया में प्रवेश कर उपछाया शंकु से ही बाहर निकल जाता है। इस दौरान चंद्रमा का बीम केवल धुंधला दिखाई देता है, काला नहीं पड़ता है। इस धुंधलेपन को आंखों से देखना संभव नहीं होता है। इस उप छाया को ग्रहण की श्रेणी में नहीं रखा जाता है।

यह दिखेगा यह ग्रहण

10 जनवरी को पड़ने वाला यह ग्रहण कनाडा, यूनाइटेड स्टेट ब्राजील आदि को छोड़कर भारत सहित सम्पूर्ण विश्व में दिखाई तो देगा परंतु भारत में इसका धार्मिक महत्व नहीं होने के कारण किसी नियम का पालन नहीं किया जाएगा।

चंद्रमा को चार बार लगेगा उप छाया ग्रहण

2020 में चंद्रमा पर चार बार उप छाया ग्रहण लगेंगे। इसमें पहला उपछाया ग्रहण 10 जनवरी को लगेगा। जबकि दूसरा चंद्रग्रहण 5 व 6 जून को लगेगा। यह ग्रहण भी यूरोप, अफ्रीका, एशिया, व आस्टेलिया में दिखाई देगा। तीसरा उप छाया ग्रहण 5 जुलाई को लगेगा। यह भारत सहित दक्षिण एशिया के कुछ हिस्से अमेरिका, यूरोप व अस्ट्रेलिया में दिखाई देगा। चौथा उप छाया चंद्रग्रहण 30 नवंबर को लगेगा यह एशिया, आस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर, अमेरिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। इन सभी उप छाया ग्रहणों में सूतक, नियम आदि नहीं होंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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