Madhya Pradesh Assembly by-elections: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना संक्रमण काल में उपचुनाव होने के कारण राजनीतिक दलों व चुनाव आयोग के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं। सबसे बड़ी चुनौती संक्रमण का भय दूर कर मतदाता को मतदान केंद्र तक पहुंचाने की है। इसके लिए तमाम इंतजाम किए जा रहे हैं। राजनीतिक दल भी मतदान केंद्र स्तर पर कार्यकर्ताओं की तैनाती कर मतदान के लिए लोगों को प्रेरित करेंगे।

इसके बाद भी 2018 के मुकाबले उपचुनाव में मतदान का फीसद गिरने की आशंका जताई जा रही है। भाजपा व कांग्रेस के साथ उम्मीदवार भी इस बात का आकलन कर रहे हैं कि मतदान कम होने से किसे लाभ व किसे नुकसान होगा। पूर्व के चुनाव के ट्रेंड से इसका आकलन नहीं किया जा सकता है। क्योंकि उपचुनाव विषम परिस्थितियों में हो रहे हैं और मुद्दे भी परंपरागत चुनाव से हटके हैं।

चुनाव आयोग की हर चुनाव में कोशिश होती है कि अधिक से अधिक मतदान हो। इसके लिए मतदाताओं को मतदान करने के लिए प्रेरित करने जागरूकता अभियान चलाया जाता है। 2013 व 2018 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश के साथ जिले में मतदान के प्रतिशत में रिकॉर्ड वृद्धि हुई थी। 2020 में विषम परिस्थितियों में जिले की 6 विधानसभा सीटों में से 3 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होना हैं। ग्वालियर, ग्वालियर पूर्व व डबरा (अजा) विधानसभा क्षेत्र में पिछले दो विधानसभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढ़ा है।

ऐसे बढ़ा मतदान का प्रतिशत

1-ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र

2013- 60. 77 प्रतिशत मतदान हुआ।

2018 - 62. 77 प्रतिशत मतदान हुआ।

(पिछले चुनाव की तुलना 1.08 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ।

2- ग्वालियर पूर्व विधानसभा श्रेत्र

2013 - 53.75 प्रतिशत मतदान हुआ।

2018 - 57.17 प्रतिशत मतदान हुआ।

( पिछले चुनाव की तुलना में 3.42 प्रतिशत मतदान में वृद्धि हुई)

3- डबरा (अजा) विधानसभा क्षेत्र

2013 - 64.77 प्रतिशत मतदान हुआ।

2018 - 68.77 प्रतिशत मतदान हुआ

( पिछले चुनाव की तुलना में 3.33 प्रतिशत मतदान अधिक हुआ)

राजनीतिक दल मतदान केंद्र स्तर पर तैयारी कर रहे हैं

भाजपा के पास जिले से लेकर मतदान केंद्र तक मजबूत संगठनात्मक ढांचा है। इस दृष्टि से भाजपा के मुकाबले कांग्रेस कमजोर है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर हजारों समर्थकों के साथ भाजपा में जाने से कांग्रेस संगठनात्मक ढांचा लगभग चरमरा गया है।

भाजपाः भाजपा पोलिंग स्तर के कार्यकर्ताओं को भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने के लिए लागातार बैठकें कर प्रोत्साहित कर रही है। भाजपा ने नारा दिया है कि बूथ जीत गए, चुनाव जीत गए।

कांग्रेसः मतदान केंद्र स्तर पर संगठनात्मक ढांचा कमजोर होने के कारण उम्मीदवारों को जिला कांग्रेस कार्यालय से मदद मिलने की उम्मीद कम ही है। इसलिए कांग्रेस उम्मीदवारों को मतदान केंद्र की व्यवस्था अपने बूते पर करनी होगी। हालांकि कांग्रेस के चुनाव प्रभारी ब्लॉक, मंडल स्तर बैठकें कर रहे हैं।

वृद्धों को डाक मतपत्र से मतदान कराने की तैयारीः जिला निर्वाचन अधिकारी भी संक्रमण से सुरक्षित रखते हुए मतदाताओं को मतदान के लिए प्रोत्साहित करने के लिए तमाम प्रयास कर रहे हैं। संक्रमण काल में वृद्धों को घर से नहीं निकलने की सलाह दी जा रही है। इस गाइड लाइन का पालन करते हुए चुनाव आयोग वृद्धों से डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान कराने की व्यवस्था कर रहा है। इसके अलावा मतदान केंद्रों पर थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइज करने की व्यवस्था व 300 के लगभग अतिरिक्त मतदान केंद्र बनाए गए हैं। ताकि लोग अपने मत का प्रयोग बगैर संक्रमण के डर के कर सकें।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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