ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिध। Madhya Pradesh High Court हाई कोर्ट की युगल पीठ ने राजनीतिक कार्यक्रमों में इकट्ठा हो रही भीड़ को लेकर तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि शहर में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ा है। लोगों की मृत्यु का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। इस तथ्य को नकारा नहीं जा सकता है। अधिकारियों की मौजूदगी में भीड़ इकट्ठा हो रही है, लेकिन कोविड-19 को लेकर बनाई गाइड लाइन का पालन नहीं कराया जा रहा है। प्रशासन भीड़ को रोकने में नाकाम होता है तो कोर्ट को कार्रवाई के लिए आगे आना पड़ेगा। अब नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कोर्ट कार्रवाई का कदम उठा सकता है।

हाई कोर्ट ने रजिस्ट्री को आदेश दिया है कि न्यायमित्रों ने जो रिपोर्ट पेश की है, उसकी कॉपी शासन को उपलब्ध कराएं। अतिरिक्त महाधिवक्ता इस पूरी रिपोर्ट की तथ्यों की जांच कर अपना जवाब पेश करें। हाई कोर्ट ने अधिवक्ता आशीष प्रताप सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए। बीते रोज न्यायमित्र संजय द्विवेदी, राजू शर्मा व विजयदत्त शर्मा ने 18 से 24 सितंबर के शहर में हुए कार्यक्रमों की एक रिपोर्ट तैयार की थी। यह रिपोर्ट फोटो व अखबारों में प्रकाशित खबरों के आधार पर तैयार की गई थी।

जिसमें बताया था कि राजनीतिक व अन्य कार्यक्रमों में मास्क व सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है। सैनिटाइजेशन भी नहीं किया जा रहा है। गाइड लाइन का उल्लंघन साफ दिखाई दे रहा है। आगामी उपचुनाव के चलते राजनीतिक एवं अन्य कार्यक्रमों में काफी भीड़ इकट्ठा हो रही है। कोर्ट ने रिपोर्ट के आधार पर शनिवार को जारी आदेश में कहा है कि कोरोना गाइड लाइन को लेकर जो कार्रवाई अधिकारियों को करना चाहिए, उसमें वह विफल दिख रहे हैं। कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन कराने में अगर नाकाम रहते हैं, तो कोर्ट को कार्रवाई के लिए आगे आना पड़ेगा।

क्या है मामला

अधिवक्ता आशीष प्रताप सिंह ने राजनीतिक कार्यक्रमों में कोरोना को लेकर जारी की गई गाइड लाइन केउल्लंघन के खिलाफ हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि कोविड-19 (कोरोना) की वजह से वैवाहिक आयोजन अन्य सामाजिक कार्यक्रम व अंत्येष्टी में लोगों की संख्या निर्धारित की गई है। जबकि शहर में हो रहे राजनीतिक कार्यक्रमों में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। इससे कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। रोजाना 200 से अधिक मरीज मिल रहे हैं। राजनीतिक दलों ने आमजन का जीवन खतरे में डाल दिया है, इसलिए राजनीतिक कार्यक्रमों पर रोक लगाई जाए। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने तीन वकीलों को न्यामित्र नियुक्त किया था। इन न्यायमित्रों ने बीते रोज कोर्ट में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।

कोर्ट ने यह दिए आदेश

- न्यायमित्रों ने जो रिपोर्ट पेश की है, उसका शासन जवाब पेश करे।

- बिहार चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किए आदेश की कॉपी पेश की जाए।

- 29 सितंबर को याचिका को फिर से सुना जाएगा।

- न्यायमित्रों की रिपोर्ट के तथ्यों की जांच कर प्रशासन अपनी एक रिपोर्ट पेश करे।

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