ग्वालियर। अगस्त माह के शेष 10 दिनों में तेज बारिश नहीं हुई तो शहरवासियों को झमाझम बारिश के लिए अगले साल तक इंतजार करना होगा। अभी रविवार 18 अगस्त तक महज 428 मिमी बारिश ही दर्ज हो सकी है। जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 500 मिमी अधिक था। मौसम विभाग के अनुसार 21 अगस्त से मानसून का सिस्टम बन रहा है। जो अगले 10 दिन में आंकड़ों के गणित को बदल सकता है। यदि यह गणित इन 10 दिनों में नहीं बदला तो पिछले 5 साल के आंकड़ों को देखें तो तीन साल सितम्बर माह में बहुत कम बारिश हुई। जबकि 2014 और 2018 में सितम्बर माह में अच्छी बारिश हुई थी।

पिछले 5 साल के आंकड़ों से समझें बारिश का गणित

पिछले पांच साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले दो साल अच्छी बारिश हुई। जबकि इससे पहले बारिश के आंकड़े काफी कमजोर रहे। लेकिन पिछले दो साल में जुलाई, अगस्त और सितम्बर में हुई बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो आगामी दस दिनों में होने वाली बारिश से काफी उम्मीद लगाई जा सकती है। जबकि 2018 में कुल बारिश 813.3 मिमी दर्ज की गई थी और इस साल अभी तक 428 मिमी बारिश ही हो सकी है। हालांकि सितंबर 2014 में 142 मिमी और 2018 में 144 मिमी बारिश हुई थी, इसलिए सितम्बर माह से भी बारिश के आंकड़े बदलने की आस रखी जा सकती है।

अभी रिमझिम, 21 से झमाझम

मौसम वैज्ञानिक सीके उपाध्याय का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में फिर से हवाओं का सिस्टम बन रहा है। यह हवाएं बंगाल से मानसून को 21 अगस्त तक शहर तक ला सकती हैं जिससे झमाझम बारिश के आसार बनेंगे। रविवार को 2 मिमी बारिश दर्ज की गई। हवाओं की रफ्तार 4 किमी प्रतिघंटा रही, जबकि रिमझिम बारिश होने से अधिकतम तापमान में 3.1 डिसे की कमी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 29.4 और न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री दर्ज किया गया।

Posted By: Saurabh Mishra

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