ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि। Makar Sankranti 2020 लोहड़ी और मकर संक्रांति का पर्व अधिकांश बार 13 व 14 जनवरी को मनाया जाता है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। इस बार लोहड़ी और मकर संक्रांति पर्व में एक दिन का अंतर आ गया है। इसके चलते लोहड़ी का पर्व 13 जनवरी को मनाया गया। जबकि मकर संक्रांति का पर्व आज मनाया जा रहा है। 14 जनवरी की रात्रि 2 बजकर 06 मिनट पर सूर्यदेव अपने पुत्र शनि के घर मकर राशि में पहुंचेंगे। इस कारण इस बार मकर संक्रांति का पुण्य पर्वकाल 15 जनवरी को रहेगा।ज्योतिषाचार्य डॉ. एचसी जैन के अनुसार सूर्यदेव अपने पुत्र शनि के घर मकर राशि में इस बार 10 दिनों तक रहेंगे। शनिदेव के घर मकर राशि में सूर्यदेव के पहुंचने पर वहां शनिदेव भी मिलेंगे। ऐसा मौका 30 साल बाद आ रहा है। 10 दिन तक सूर्य और शनिदेव एक ही घर में साथ-साथ रहेंगे । इसके बाद शनिदेव मकर राशि को छोड़कर 24 जनवरी को अपने दूसरे घर यानि की कुंभ राशि में चले जाएंगे।

एक साल में 12 राशियों से गुजरते हैं सूर्यदेव

सूर्यदेव एक साल में सभी 12 राशियों से होकर गुजरते हैं। इस दौरान सूर्य जब मकर राशि में आते हैं तब मकर संक्रांति बनाई जाती है। हिंदुओं में मकर संक्रांति का बहुत महत्व है। माना जाता है कि इस दिन देवता पृथ्वी पर उतरकर गंगा, यमुना, कृष्णा गोदावरी जैसी पवित्र नदियों में स्नान करते हैं।

इससे इन पवित्र नदियों में स्नान का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। मकर संक्रांति पर सूर्य उत्तरायण होने से देवताओं के दिन प्रारंभ हो जाते हैं। साथ ही विवाह, गृहप्रवेश आदि शुभ कार्य भी प्रांरभ हो जाते हैं। माना जाता है कि महाभारत काल में भीष्म पितामह ने मकर संक्रांति के दिन ही बाणों की शय्या पर लेटे हुए अपनी देह त्यागने के लिए इसी दिन का इंतजार किया था।

दिन होने लगेंगे बड़े

मकर संक्रांति के साथ ही दिन अब तिल-तिल यानि धीमे-धीमे बड़े होने लगेंगे। जबकि रात धीरे-धीरे छोटी होने लगेंगी। साथ ही मकर संक्रांति के साथ ही सर्दी का कम होना भी प्रारंभ हो जाएगा।

इस समय करें मकर संक्रांति का स्नान

ज्योतिषाचार्य डॉ. एचसी जैन ने बताया कि 14 जनवरी की रात्रि 2 बजकर 6 मिनट पर धनु से सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। दूसरे दिन यानि 15 जनवरी को प्रातःकाल पुण्य पर्वकाल सुबह 7 बजकर 19 मिनट से प्रांरभ होकर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। विशेष पुण्य पर्वकाल सुबह 7 बजकर 19 मिनट से सुबह 9 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। यह स्नान और दान पुण्य करने का श्रेष्ठ समय होता है। इस दिन तिल, खिचड़ी, गुड़, कंबल आदि दान किया जाता है।

राशि के अनुसार यह करें दान

मेष राशिः- गुड़, मूंगफली, दाने एवं तिल का दान करें।

वृषभ राशिः- सफेद कपड़ा, दही एवं तिल का दान करें।

मिथुन राशिः- मूंगदाल, चावल एवं कंबल का दान करें।

कर्क राशिः- चावल, चांदी एवं सफेद तिल का दान करें।

सिंह राशिः- तांबा, गेहूं एवं सोने के मोती का दान करें।

कन्या राशिः- खिचड़ी, कंबल एवं हरे कपड़े का दान करें।

तुला राशिः- सफेद डायमंड, शक्कर एवं कंबल का दान करें।

वृश्चिक राशिः- मूंगा, लाल कपड़ा एवं तिल का दान करें।

धनु राशिः- पीला कपड़ा, खड़ी हल्दी एवं सोने का मोती दान करें।

मकर राशिः- काला कंबल, तेल एवं काली तिल का दान करें।

कुंभ राशिः- काला कपड़ा, काली उड़द, खिचड़ी एवं तिल दान करें।

मीन राशिः- रेशमी कपड़ा, चने की दाल, चावल एवं तिल दान करें।

Posted By: Nai Dunia News Network

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