- सौर मंडल में पांच ग्रहों की प्लेनेट परेड 18 साल बाद आज

- भगवान राम व कृष्ण की कुंडली में यही पंच महापुरूष योग बना था

ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। आकाशीय सौरमंडल में कुछ न कुछ अद्भुत खगोलीय घटनाएं होती रहती है। ज्योतिष की नजर में इन घटनाओं को भले ही जो भी प्रभाव हो, लेकिन इन दुर्लभ खगोलीय नजारा को देखना आकर्षण का केंद्र होता है। वैसे तो हर साल दो या तीन ग्रहों का ऐसा संयोग बनता रहता है। लेकिन एक साथ पांच ग्रहों का एक लाइन मे होना कभी कभार ही होता है। इस बार बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति और शनि ग्रह एक लाइन में दिखने वाले हैं। यह खगोलीय घटना आज से 18 साल पहले 2004 में हुई थी। उसके बाद अब 24 जून को और अब आगे एक बार फिर से 2040 में यह दोबारा देखने को मिलेगी। भगवान राम व कृष्ण की कुंड़ली में यही पंच महापुरूष योग बना था।

बालाजी धाम काली माता मंदिर के ज्योतिषाचार्य डॉ. सतीश सोनी के अनुसार जब भी कोई ग्रह परिवर्तन करता है। फिर वह अपनी गति में परिवर्तन करके वक्री या मार्गी अथवा सूर्य के नजदीक आने से अस्त हो या दूर जाने से उदित हो या गोचर करें। तो इसका प्रभाव जातकों के जीवन के साथ साथ देश दुनिया पर पड़ना स्वाभाविक है। 24 जून को सौर मंडल के पांच प्रभावशाली ग्रह एक साथ एक कतार में आने वाले हैं। यह ग्रहों का नजारा बेहद रोचक होगा। इस नजारे को देखने के लिए सूर्योदय से करीब 30 मिनट पहले आसमान के पूर्वी हिस्से में बड़े ही आसानी से देखा जा सकता है। 24 जून को शुक्र, मंगल के बीच घटते हुए और अर्धचंद्र को भी देखना नामुमकिन होगा। हालांकि इस नजारे को नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकता। इसे दूरबीन की सहायता से 1 घंटे के लिए आसमान में देखा जा सकेगा।

डॉ.सोनी ने बताया इस दिन गुरु, मंगल, बुध, शुक्र और शनि मिलकर पंच महापुरुष योग का निर्माण भी करेंगे। जिस भी व्यक्ति की कुंडली में यह योग होता है तथा 5 ग्रहों में से जब कोई भी ग्रह मूलत्रिकोण या केंद्र में बैठता है। तो व्यक्ति की किस्मत चमकती है। पंच महापुरुष योग जब सार्थक होता है जब यह केंद्र में स्थित हो, भगवान राम और कृष्ण की कुंडली में भी यही पंच महापुरुष योग बना था।

क्या है प्लेनेट परेड

- ग्रहों के एक साथ एक ही सीध में आने की कोई परिभाषा नहीं होती। इस घटना को आम भाषा में और आम लोगों को समझाने के लिए खगोल विज्ञान ग्रह परेड या प्लेनेट परेड शब्द का उपयोग करता है। ज्योतिष में जिसे प्लेनेट परेड की श्रेणी में रखा गया है।

- देश दुनिया और आम जनजीवन पर खगोलीय घटना का प्रभावइन पांच ग्रहों के इस तरह से एक सीध में आने से विश्व नेताओं के बीच में किसी मुद्दे को लेकर तीखी बहस हो सकती है।

- कृषि क्षेत्र में उछाल देखने को मिलेगा चीनी, गुड़ और अन्य खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने की संभावना रहेगी।बुध के सीधी रेखा में होने से पड़ोसी राज्यों से भारत के रिश्ते औसत रहेंगे।इसके अलावा शुक्र के प्रभाव स्वरूप ऑटोमोबाइल, उद्योग में तेजी दिख सकती है।

- सीधी रेखा में मंगल भी शामिल है। ऐसे में मंगल के परिवर्तन और वृश्चिक राशि पर उसकी दृष्टि से भूमि से लाभ मिलने की प्रबल संभावना बनती है। इसलिए संपत्ति में इस समय निवेश करना फायदेमंद होगा।उत्तर पूर्व क्षेत्र में भूकंप और तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति बनेगी।पेट्रोल ,तेल, गैस की कीमतों में भारी उछाल, खनन, बैंकिंग, चिकित्सा, शेयर मार्केट में कुछ चुनौतियां खड़ी होगी।

- भारतीय सेना अधिक मजबूत होगी। सरकार की ओर से किसी नये टैक्स की घोषणा हो सकती है। वहीं सरकार की कुछ नई नीतियों से गरीबों को राहत मिलती दिख रही है।

Posted By: anil tomar

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