ग्वालियर। शहर में रविवार को मंत्री प्रद्युम्न तोमर, कलेक्टर, निगमायुक्त और एसपी निरीक्षण कर रहे थे, लेकिन इसका असर सफाई व्यवस्था पर कहीं नहीं दिखा। शहर में कॉलोनियों से लेकर बाजारों में कचरे का ढेर पड़े रहे। मंत्री के सामने ही किलागेट से सोडा कुंआ पर फैले कचरे को निगम के कर्मचारी समेटने पहुंच गए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर की क्या स्थिति है। एक दिन पहले ही गेंडे वाली सड़क पर कचरा फैला देखकर कैबिनेट मंत्री को गुस्सा आ गया था और वह झाड़ू उठाकर सफाई करने लगे थे। नगर निगम अधिकारियों को चेतावनी भी दी थी कि अब सड़कों पर गंदगी नजर नहीं आनी चाहिए, लेकिन इस चेतावनी का कोई असर नहीं हुआ।

निरीक्षण शुरू होने से पहले मंत्री ने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों पर अपना गुस्सा दिखाया। उनसे कहा कि अकारण किलागेट चौराहे के सौंदर्यीकरण में आड़े आए तो मेरा अच्छा रूप भी आपने देखा है और बुरा भी देखा है। तुम्हारे मंत्री के दरवाजे के आगे धरने पर बैठ जाऊंगा। मंत्री ने केंद्रीय अधिकारियों का अभिनंदन करने के लिए माला भी मंगा लीं। उनका कहना था कि नोटिस देने के अलावा पुरातत्व विभाग कोई काम नहीं कर रहा है।

किले के आसपास के क्षेत्र को टूरिस्ट मोड पर विकसित करें

खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कलेक्टर अनुराग चौधरी व निगमायुक्त संदीप माकिन से किला गेट का सौंदर्यीकरण करने के साथ हजीरा से लेकर किला गेट व छोटा बाजार से उरवाई गेट तक को टूरिस्ट मोड पर विकसित करने के लिए कहा है। निगमायुक्त ने बताया कि यहां सुलभ कॉम्प्लेक्स के लिए 55 लाख की राशि स्वीकृत है, लेकिन उसके लिए पुरात्तव विभाग की एनओसी जरूरी है। उसके बाद पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को भी बुलाया गया। सबसे पहले केएस सक्सेना आए। उन्होंने बताया कि वह कानों से सुन नहीं पाते हैं। उसके बाद सहायक पुरातत्व विध केके राठौर को बुलाने के लिए कॉल किया, लेकिन निगमायुक्त को बताया कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है।

निगमायुक्त ने बताया कि मैं भी सुबह इंजेक्शन लगवाकर यहां खड़ा हूं। उसके बाद केएस राठौर वहां आ गए। पुरात्तव से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए 24 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट में मंत्री की मौजूदगी में बैठक होगी।

बादलगढ़ की जमीन का सद्पयोग किया जाए

स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने निरीक्षण के दौरान बताया कि बादलगढ़ में सरस्वती शिशु मंदिर के संचालकों ने दो से ढाई बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया है। इस जमीन का उपयोग ठेले वालों को शिफ्ट करने के लिए किया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान अशोक शर्मा, कृष्णराव दीक्षित, केशव मांझी, अशोक प्रेमी, इंद्रजीत चौहान भी मौजूद थे। केशव मांझी को थाने के गेट पर रोकने पर उनकी टीआई प्रीति भार्गव से झड़प हो गई। नाराज केशव मांझी को मंत्री मनाकर अंदर ले गए।

शहर का हाल देखिए : वाहन नहीं आए तो लोगों ने सड़कों पर फेंका कचरा

शहरवासियों ने रविवार को छुट्टी मिलते ही घर-दुकान में सफाई अभियान चलाया। अगले रविवार को दीपावली है इसलिए ज्यादातर घरों में सफाई हुई। रविवार को नगर निगम के ज्यादातर सफाई कर्मचारी छुट्टी पर रहते हैं इसलिए कई क्षेत्रों में तो झाड़ू ही नहीं लगी। ईको ग्रीन के वाहन भी कचरा लेने नहीं पहुंचे। ऐसी स्थिति में लोगों ने दोपहर तक तो कचरा कलेक्शन वाहनों का इंतजार किया और जब नहीं आए तो सड़क या पुराने कचरा ठियों पर ही कचरा फेंक दिया। जिससे शहर में हर गली, मोहल्ले और कॉलोनियों में कचरे के ढेर लगे रहे।

साप्ताहिक अवकाश पर रहते हैं सफाई कर्मचारी

सफाई कर्मचारियों को भी रविवार को छुट्टी मिलती है, लेकिन सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो इसलिए कुछ कर्मचारियों को अल्टरनेट बुलाया जाता है। अभी दीपावली के कारण शहर में तीन गुना ज्यादा कचरा निकल रहा है। दूसरी ओर रविवार को सफाई कर्मचारियों की संख्या भी आधे से कम रहती है। दोनों ही स्थिति में रविवार को हालात बिगड़ गए। नगर निगम के डोर टू डोर कचरा कलेक्शन वाहन भी कम निकले। ईको ग्रीन की व्यवस्थाएं तो पहले से ही लड़खड़ा रही हैं। कंपनी 42 वार्डों से कचरा कलेक्शन का दावा तो करती है लेकिन ऐसा एक भी वार्ड नहीं है जिसके हर दरवाजे पर या हर गली में उसके वाहन पहुंचें। इसलिए रविवार को हर क्षेत्र में देर शाम तक कचरे के ढेर लगे रहे।

जेसीबी से उठवाया कचरा

डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए वाहन नहीं निकलने पर निगम प्रशासन ने रविवार को जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली व डंपर भेजकर कचरा उठवाया। लेकिन यह वाहन हजीरा, घोसीपुरा, मुरार सहित उन क्षेत्रों में ही पहुंचे जहां ज्यादा कचरा जमा था। इनका कहना है

अभी दीपावली के कारण शहर में ज्यादा कचरा निकल रहा है। रविवार को ज्यादातर सफाई कर्मचारी अवकाश पर रहते हैं इसलिए कई क्षेत्रों से कचरा नहीं उठा सके।

-नरोत्तम भार्गव, अपर आयुक्त नगर निगम

Posted By: Nai Dunia News Network