ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार मिर्ची बाबा उर्फ वैराज्ञानंद महाराज पिछले एक साल से अंचल में कांग्रेस की राजनीति में अपना दबदवा बनाने के लिए हाथ-पैर मार रहे थे। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ का नजदीकी बताकर मिर्ची बाबा ने उपचुनाव में सक्रियता दिखाई थी। महापौर के चुनाव में कमल नाथ की सभा मंच पर स्थान नहीं मिलने के कारण सभास्थल पर ही धरने पर बैठ गये थे। कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार का गौरव महाराज से विवाद होने पर दोनों के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभाई थी। कमल नाथ तक जिन कांग्रेसियों की सीधे पहुंच नहीं थी, वे मिर्ची बाबा से जुड़ने भी लगे थे। मिर्ची बाबा का आचरण सदैव संदिग्ध रहा है। मुरैना व गोला का मंदिर क्षेत्र में चार बार इनके साथ मारपीट भी हुई।

दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार होने के बाद मिर्चा बाबा एक बार फिर सुर्खियों में है। कानून के शिकंजे में कसे मिर्ची बाबा के और भी काले कारनामे सामने आ सकते हैं। मिर्ची बाबा गौ सेवा के नाम पर अपनी दुकान चला रहे थे। इसके साथ ही राजस्थान टेलर्स की हत्या में एक विवादस्पद वीडियो जारी कर आंतकियों का गला काटकर लाने वाले लोगों को इनाम देने का एलान किया था। लेकिन बाबा के इस वीडियो को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया।

उपचुनाव किया था कांग्रेस का प्रचार- कमल नाथ सरकार गिरने के बाद मिर्ची बाबा बेहद सक्रिय नजर आए थे। उपचुनाव में कुछ साधु-संतों के साथ प्रदेशभर में कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव-प्रचार किया था। बाबा का दावा था कि कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने के लिये दस हजार साधु-संतों को कांग्रेस में माहौल बनाने का दावा किया था। बाबा का दावा था कि उन्हें (कमल नाथ) ने योग्य व जीताऊ उम्मीदवारों की रिपोर्ट तैयार करने के लिए भेजा है। इस दावे के बाद कुछ कांग्रेसियों ने बाबा की आव भगत करना शुरू कर दी थी। ताकि कमल नाथ के सामने उनका वजन बढ़ जाए।

दुष्कर्म के आरोप में ग्वालियर से मिर्ची बाबा को पुलिस ने किया गिरफ्तार

मुरैना में बाबा को घेरकर पिटाई हुई थी- मुरैना में मिर्ची बाबा को घेरकर कुछ लोग जमकर पीटा था। बाबा ने इस मारपीट की रिपोर्ट तक नहीं की थी। बाबा यह कहकर मारपीट को मामले को शांत कर दिया था कि मैंने हमलावरों का माफ कर दिया। ताकि इस मारपीट का सच बाहर नहीं आ सके। चर्चा थी कि बाबा की पिटाई उपचुनाव टिकट दिलाने के नाम पर किये गये लेन-देन को लेकर हुई थी। क्योंकि गोला का मंदिर में क्षेत्र में पिछले एक साल में मारपीट के तीन मामले में दर्ज कराये थे। बाबा ने कमल नाथ का निकट बताकर कुछ कांग्रेसी नेताओं से मधुर संबंध बना लिये थे। जो कि आव-भगत करते थे। फिलहाल को भोपाल पुलिस दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार कर भोपाल ले गई है।

Posted By: anil tomar

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close