ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कार्तिक मास के सोमवार को अक्षय आंवला नवमी मनाई जाएगी। इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा करने से भगवान विष्णु प्रसन्ना होते हैं, आरोग्यता और सुख-समृद्धि बनी रहती है। महिलाओं द्वारा संतान प्राप्ति एवं परिवार की खुशहाली के लिए यह व्रत एवं पूजन किया जाता है।

ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि आंवला नवमी पर आंवले के पेड़ के नीचे पूजा और भोजन करने की प्रथा माता लक्ष्मी ने शुरू की थी। धर्म शास्त्रों के अनुसार एक बार माता लक्ष्मी पृथ्वी पर घूमने के लिए आईं। धरती पर आकर वह सोचने लगीं कि भगवान विष्णु और शिवजी की पूजा एक साथ कैसे की जा सकती है। तभी उन्हें याद आया कि तुलसी और बेल के गुण आंवले में पाए जाते हैं। तुलसी भगवान विष्णु को एवं बेल शिवजी को अति प्रिय है। उसके बाद मां लक्ष्मी ने आंवले के पेड़ की पूजा करने का निश्चय किया। उनकी भक्ति और पूजा से प्रसन्ना होकर भगवान विष्णु और शिवजी साक्षात प्रकट हुए। माता ने आंवले के पेड़ के नीचे भोजन तैयार करके भगवान विष्णु व शिवजी को भोजन कराया और उसके बाद उन्होंने खुद भी वहीं भोजन ग्रहण किया। मान्यताओं के अनुसार आंवला नवमी के दिन अगर कोई महिला आंवले के पेड़ की पूजा कर उसके नीचे बैठकर भोजन ग्रहण करती है तो उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

आमले के पेड़ की पूजा करने की विधि

आंवला वृक्ष विष्णु का स्वरूप है। यह विष्णु को प्रिय है और इसके स्मरण से गोदान के बराबर फल मिलता है। आंवले के पेड़ के नीचे श्रीहरि विष्णु के दामोदर स्वरूप की पूजा की जाती है। अक्षय नवमी की पूजा संतान प्राप्ति एवं सुख, समृद्घि एवं कई जन्मों तक पुण्य क्षय न होने की कामना से किया जाता है। इस दिन अमला के पेड़ को घर मे लगाया जाता है। आंवले के पेड़ के नीचले भाग में ब्रह्मा जी, बीच मे भगवान विष्णु जी और ताने में भगवान शिव का वास मन गया है। इसे पूर्व या उत्तर दिशा में लगाया जाता है, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का घर में प्रवेश होता है। यदि आमले का पेड़ न मिले तो आंवले के पेड़ की टहनी लेकर भी पूजा की जा सकती है।

108 परिक्रमा लगाएं

आंवला नवमी के दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान करके आंवले के पेड़ की जड़ में दूध, रोली, अक्षत, फूल, गंध चढ़ाएं। फिर आंवले के पेड़ की कम से कम सात बार और अधिक से अधिक 108 बार परिक्रमा करें और दीये जलाएं। अगर आप किसी वजह से आंवले के पेड़ की पूजा या उसके नीचे बैठकर भोजन ग्रहण नहीं कर पाएं हैं, तो आंवला जरूर खाएं।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस