मनीष शर्मा, ग्वालियर नईदुनिया। हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि के साथ ही मासिक शिवरात्रि का भी विशेष महत्व है। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी 30 जनवरी को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। महाशिवरात्रि वर्ष में एक बार और मासिक शिवरात्रि वर्ष के हर माह मे मनाई जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, महा शिवरात्रि की मध्यरात्रि में भगवान शिव लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। जिनकी सबसे पहले पूजा भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा ने की थी। मासिक शिवरात्रि का व्रत, मनोवांछित फल देने वाला है। मासिक शिवरात्रि व्रत महाशिवरात्रि के दिन से शुरू कर सकते हैं और इसे साल की समापन तक जारी रख सकते हैं। मान्यता है कि ये व्रत करने से भक्तों के सभी मनोरथ पूर्ण होते है, और हर मुश्किल काम आसान हो जाते हैं। मासिक पर्व में शिवरात्रि व्रत और पूजन का बहुत महत्व है।

मासिक शिवरात्रि पूजा विधि : मासिक शिवरात्रि की पूजा निश्चित काल में की जाती है। पूजा की शुरुआत भगवान शिव की मूर्ति या शिव लिंग के अभिषेक से की जाती है। शिवजी को गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, सिंदूर, हल्दी पाउडर, गुलाब जल से अभिषेक करें, अभिषेक करते समय शिव मंत्र ओम नमः शिवाय का जाप करें। इसके बाद शिवलिंग पर बेल के पत्ते, अर्क के फूल, चंदन, रोली चढ़ाएं, इसके बाद भगवान शिव की आरती व भजन करें।

मासिक शिवरात्रि तिथि : माघ, कृष्ण चतुर्दशी तिथि 30 जनवरी को शाम 5:28 से 31 जनवरी दोपहर 2:18 तक रहेगी।

मासिक शिवरात्रि पूजा मुहूर्त : शास्त्रों के अनुसार मासिक शिवरात्रि की पूजा रात्रि में करना उत्तम माना गया है। ऐसे में 30 जनवरी रात्रि 11:38 से देर रात्रि 12:52 पर पूजा का शुभ मुहूर्त है।

Posted By: vikash.pandey

NaiDunia Local
NaiDunia Local