Morar River Cleaning News: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। मुरार नदी को पुनर्जीवित करने का काम शुरु कर दिया गया है। सबसे पहले नदी के आस-पास पड़ी गंदगी को साफ किया जा रहा है। इसके लिए नदी किनारे मिट्टी डाली जा रही है, साथ ही नई परतें भी बनाई जा रही हैं, ताकि नदी में गंदगी न हो। केंद्र सरकार के नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत इस नदी के जीर्णोद्धार के लिए 39.24 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे।

मुरार नदी में सीवर और नालों की गंदगी पहुंच रही है। इसे दूर करने के लिए अब दिल्ली की एमडीपी इंफ्रा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 22.19 करोड़ रुपए में नदी का काम शुरू किया है। नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत मुरार नदी को सुंदर व रमणीय स्थल में परिवर्तित करने के लिए कई कार्य किए जाएंगे, लेकिन इस पूरे प्रोजेक्ट में सबसे अहम काम है नदी के अंदर सीवर की गंदगी व नालों की गंदगी को रोकना। मुरार नदी के अंदर 24 नाले मिलते हैं, साथ ही थाटीपुर व मुरार के काफी हिस्से की सीवरेज सीधे नालों के जरिए बहकर मुरार नदी में आती है। इसके कारण नदी गंदी होकर नाले में बदल चुकी है। मुरार नदी में गिरने वाले नालों को टेप कर उनकी गंदगी को खत्म करना है। इसके साथ ही सीवरेज बहाकर लाने वाले नालों को सीवरेज की लाइन में मिलाना था। यह कार्य आज तक नहीं हो सका है। मुरार नदी में अमृत योजना के तहत सीवरेज लाइन भी डाल दी गई है, लेकिन इसके बाद भी नदी के अंदर सीवर की गंदगी बह रही है। मुरार नदी को पुनर्जीवित करने के लिए 12 किलोमीटर एरिया में पैचिंग कार्य किया जाना है, जबकि 3.5 किलोमीटर हिस्से में दीवार भी बनाई जाएगी, ताकि नदी में कोई गंदगी न फेंक सके। इसके लिए टेंडर में प्रविधान किया गया है। कंपनी को 27 महीने में कार्य पूर्ण करके देना है।

Posted By: anil tomar

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