MP News : ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कानपुर के बिकरू गांव में उप्र पुलिस के सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाले कुख्यात अपराधी विकास दुबे की चंबल के बीहड़ों में तलाश शुरू हो गई है। विकास की अंतिम लोकेशन औरेया मिलने के बाद उत्तरप्रदेश पुलिस ने मप्र पुलिस को सूचना दी थी कि वह दोनों प्रदेशों की सीमाओं पर स्थित चंबल के बीहड़ों में शरण ले सकता है।

इसके बाद उसे दबोचने के लिए ग्वालियर-चंबल रेंज पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन शुरू हो गया है। विकास पहले भी ग्वालियर में फरारी काट चुका है। हालांकि उसके चंबल की सीमा में प्रवेश करने की कोई पुख्ता जानकारी होने से दोनों रेंजों के अधिकारी अधिकारिक रूप से इंकार कर रहे हैं।

एडीजीपी(ग्वालियर रेंज) राजाबाबू सिंह ने इतना अवश्य स्वीकार कर रहे हैं उप्र पुलिस ने विकास दुबे के आश्रय लेने के लिए ग्वालियर-चंबल रेंज में शरण लेने की आशंका अवश्य जताई है। इसी सूचना पर दोनों रेंजों की पुलिस अलर्ट है। सीमावर्ती गांवों के साथ मार्गों की नाकेबंदी कर निगरानी की जा रही है।

उप्र पुलिस की कई टीमें पिछले दो दिन से रात-दिन एक लाख के इनामी बदमाश विकास की तलाश कर रही हैं। उप्र पुलिस को गैंगस्टर की अंतिम लोकेशन औरेया जिले में मिली थी। इसलिए आशंका जताई जा रही है कि उप्र पुलिस से बचने के लिए वह अपने साथियों के साथ सीमावर्ती चंबल के बीहड़ों में शरण ले सकता है।

उप्र पुलिस को पड़ताल में पता चला है कि पहले भी विकास ग्वालियर-चंबल में फरारी काट चुका है, लेकिन इस संबंध स्थानीय पुलिस अधिकारियों के पास कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। उप्र पुलिस की मदद से स्थानीय पुलिस यह पता लगा रही है कि ग्वालियर-चंबल रेंज में उसका कोई रिश्तेदारी तो नहीं है। इसके अलावा यहां के कोई गैंगस्टर व मददगार तो अंचल में नहीं है। पुलिस ने कुछ मोबाइल सर्विलांस पर लिया है।

राजस्थान का आनंद पाल, उप्र का समीर जाट आश्रय लेता था

दिल्ली, उप्र व राजस्थान के गैंगस्टर शहर व अन्य जिलों में पहले भी आश्रय लेते रहे हैं। राजस्थान का इनामी आनंद पाल भी डीडी नगर में पुलिस से बचने के लिए फरारी काट चुका है। यहां राजस्थान पुलिस के दबिश देने से पहले भाग गया था। उसी के बाद राजस्थान पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ आनंद पाल मारा गया।

शूटर समीर जाट भी उप्र पुलिस की कस्टडी में जवानों की हत्या करके ग्वालियर शरण लेने के लिए आया था। ग्वालियर पुलिस ने उसे मुरैना रोड पर हुए एनकाउंटर में मार गिराया था। इसके अलावा झांसी का गैंगस्टर सरदार सिंह गुर्जर भी अभी सेंट्रल जेल ग्वालियर में हैं। उसे इटावा शिफ्ट किए जाना है। इससे स्पष्ट है कि उप्र के गैंगस्टरों के ग्वालियर-चंबल रेंज के गैंगस्टरों व मददगारों से गहरे रिश्ते हैं।

इनका कहना है

कानपुर एडीजी जयनारायण सिंह मेरे बैचमेट हैं। सोमवार की सुबह उनसे बात हुई है। इनामी विकास दुबे की अंतिम लोकेशन औरेया में मिलने के कारण पुलिस को आशंका है कि उप्र पुलिस से बचने के लिए चंबल के सीमावर्ती बीहड़ों में वह शरण ले सकता है। इस संबंध में चंबल रेंज के अधिकारियों से चर्चा करने के बाद दोनों रेंजों की पुलिस अलर्ट है। सीमावर्ती क्षेत्रों में नजर रखी जा रही है। विकास के प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने का कोई इनपुट नहीं है।

राजाबाबू सिंह, एडीजीपी ग्वालियर रेंज

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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