-कब्जेधारी की सूची में एसपी-एएसपी, एडीएम तक शामिल

-पीडब्ल्यूडी ने एसडीएम को लिखा पत्र

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ग्वालियर में सांसद पर भी अफसर भारी पड़ रहे हैं। जी हां, यहां सांसद काे जाे बंगला आवंटित हुआ है, उसकाे अब तक अफसर खाली नहीं करा सके हैं। हालांकि ये काेई इकलाैता उदाहरण नहीं है, सांसद के अलावा भी कई अफसर सरकारी बंगलाें की वाट जाेह रहे हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग जिला प्रशासन काे बंगले खाली कराने का प्रस्ताव भेजकर इतिश्री कर चुका है, इसके बाद नाेटिस भी जारी हुए हैं, मगर बंगले अब तक खाली नहीं हुए हैं।

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन आने वाले डेढ़ दर्जन सरकारी बंगलों पर अफसर और कर्मचारी कब्जा जमाए बैठे हैं। यही कारण है कि पिछले कई महीनों में लोक परिसर बेदखली अधिनियम के तहत झांसी रोड एसडीएम को कार्रवाई करने के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं, लेकिन ये फाइलों में दफन कर दिए गए। मंत्री-सांसद जैसे जनप्रतिनिधियों से लेकर शासकीय कर्मचारियों को भी पीडब्ल्यूडी द्वारा आवास आवंटित किया जाता है। पद के अनुरूप आवासों की श्रेणी भी निर्धारित की गई है। आवास आवंटित होने के बाद अफसर का जिले से ट्रांसफर होने पर इन्हें खाली करने का नियम है और इन आवासों को दूसरे लोगों को आवंटित कर दिया जाता है। वर्तमान में 18 ऐसे आवास हैं, जिन पर अधिकारियों ने ही कब्जा जमा रखा है। इसमें वीआइपी सर्किट हाउस मुरार के सामने स्थित बंगला नंबर 22 पर तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह गौर अवैध रूप से काबिज हैं। यह बंगला 21 जनवरी 2021 को खाली कराने के लिए सक्षम प्राधिकारी एसडीएम झांसी रोड को प्रस्ताव भेजा गया था। यह बंगला सांसद को आवंटित कर दिया गया है, लेकिन अफसर इसे खाली नहीं करा रहे। इसी प्रकार सिटी सेंटर स्थित आवास ई-3 को तत्कालीन 14वीं बटालियन के कमांडेंट आलोक कुमार सिंह, 12ई गांधी रोड को एडीएम टीएन सिंह, बी-19 थाटीपुर को टीआइ सुदेश तिवारी ने कब्जा रखा है। सुदेश तिवारी से आवास खाली कराने का प्रकरण वर्ष 2016 से अभी तक लंबित है। लोक निर्माण विभाग द्वारा गत जुलाई माह में भी इन आवासों को खाली कराने के लिए एसडीएम झांसी रोड को पत्र भेजा गया था। अब दोबारा से स्मरण पत्र जारी करने की तैयारी की जा रही है।

लाइन में लगे हैं अन्य अफसर-कर्मचारीः इनमें से 12-ई गांधी रोड को पुलिस अधीक्षक अजाक्स अरविंद सिंह ठाकुर को दिया जाना है। इसी प्रकार एन-27 राजस्व मंडल की स्टेनो ज्योति गुप्ता को, एफ-35 को उपयंत्री रजनीश गुप्ता को, एफ-4 पार्क होटल निरीक्षक प्रकाश लांबे को, 7/02 थाटीपुर को सहायक ग्रेड-3 कपिल शर्मा को, एन-13 थाटीपुर को सहायक ग्रेड-3 दीपक मिश्रा को, जी-02 थाटीपुर को सुनील पटेरिया एसडब्ल्यू को और 5/10 थाटीपुर आवास धर्मवीर सिंह को दिया जाना है। इनमें थाटीपुर के आवास उन कर्मचारियों को दिए जाने हैं, जिनसे पुनर्घनत्वीकरण योजना के पहले चरण में सरकारी आवास खाली करा लिए गए थे और बदले में उन्हें ये आवास आवंटित कर दिए गए। इन आवासों पर पहले से कब्जा होने के कारण कर्मचारियों के सामने दिक्कत खड़ी हो गई है।

इन शासकीय आवासों पर है अधिकारियों का कब्जा

आवास कब्जाधारक खाली कराने भेजा पत्र

डी-22 मुरार सुरेंद्र सिंह गौर, तत्कालीन एडिशनल एसपी देहात 21 जनवरी 2021

ई-3 सिटी सेंटर आलोक कुमार सिंह, तत्कालीन कमांडेंट 14 बटालियन 25 मई 2022

12 ई गांधी रोड टीएन सिंह, तत्कालीन एडीएम ग्वालियर 25 मई 2022

बी-19 थाटीपुर सुदेश तिवारी, तत्कालीन टीआई 19 अक्टूबर 2016

एन-27 थाटीपुर दीपचंद कंसोलिया, शिक्षक पांच अक्टूबर 2021

एफ-35 थाटीपुर मनीषा कौल, तहसीलदार चार अप्रैल 2022

एफ-4 पार्क होटल ज्योति जाटव, नायब तहसीलदार चार अप्रैल 2022

7/02 थाटीपुर आरके पांडे, सहायक ग्रेड 3 पशु चिकित्सालय चार अप्रैल 2022

एन-13 थाटीपुर दिलीप शर्मा, कार्यालय अधीक्षक परिवहन विभाग पांच जुलाई 2021

जी-02 थाटीपुर कैलाश खरे, सहायक ग्रेड 3 25 मई 2022

5/10 थाटीपुर सुरेश भोले, शिक्षक 25 मई 2022

आई-2 विश्राम गृह एलएन पटसारिया, सहायक ग्रेड 1 यह आवास खाली कराकर चौकीदार पूनम दोहरे को आवंटित किया जाना है।

वर्जन-

सरकारी बंगलों को खाली कराए जाने की कार्रवाई की जानी है। संबंधित अफसरों को बेदखली के लिए पत्र लिख दिए गए हैं। खाली कराने की कार्रवाई के लिए अब सख्ती की जाएगी।

सीबी प्रसाद,एसडीएम, झांसी रोड

वर्जन-

पीडब्ल्यूडी के जिन शासकीय आवासों पर कब्जा है, उन्हें खाली कराने के लिए हम लोक परिसर बेदखली अधिनियम के सक्षम प्राधिकारी एसडीएम झांसी रोड को प्रस्ताव भेज चुके हैं। आगामी कार्रवाई उन्हीं के माध्यम से की जानी है।

ओमहरि शर्मा, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग

Posted By: vikash.pandey

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