- आरजीपीवी (राजीव गांधी प्रौधोगिकी विद्यालय) से फर्जी बीई की डिग्री भी बनाकर दी

- राजीव गोविला ने उगले कई राज

ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

फर्जी मार्कशीट किंग राजीव गोविला सिर्फ मार्कशीट या जाति प्रमाण बनाने तक ही सीमित नहीं रहा है। बल्कि वह फर्जी बीजा बनाकर लोगों को विदेश भेजने का भी काम करता है। उसके पास से एक मोहम्मद सुलेमान के नाम से तैयार बीजा मिला है। बीजा पर असली की तरह नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सील सिक्के भी लगे हैं। इसके अलावा आरजीपीवी (राजीव गांधी प्रौधोगिकी विद्यालय) से सुलेमान को बीई की डिग्री भी बनाई है। पुलिस ने दोनों दस्तावेज अपने पास सुरक्षित कर लिए हैं। यह मोहम्मद सुलेमान कौन है इसकी भी पूछताछ की जा रही है। वहीं पुलिस उस पर धोखाधड़ी एक और मामला दर्ज कर रही है।

थाटीपुर थाना पुलिस द्वारा पकड़े गए फर्जी मार्कशीट व अन्य दस्तावेज बनाने वाले रैकेट के सरगना राजीव गोविला निवासी थाटीपुर से हर दिन नया राजफाश हो रहा है। बुधवार को थाटीपुर के कुम्हारपुरा स्थित भीम नगर निवासी शैलेष उचाड़िया थाना पहुंचा है। वह मुरार के केडीजे हॉस्पिटल में कर्मचारी है। उसे पैरा मेडिकल का एक डिप्लोमा करना था। जिसके लिए उसने राजीव गोविला से मुलाकात की थी। उसने उसे मोहाली के विश्वविद्यालय से डिप्लोमा कराने के लिए कहा था। इसके लिए 25 हजार रुपए भी लिए थे। अभी अचानक अक्टूबर 2019 में राजीव ने शैलेष के वॉटसएप पर उसकी डिप्लोमा की मार्कशीट की कॉपी भेज दी थी। अचानक इस तरह मार्कशीट मिलने पर शैलेस ने पड़ाव क्षेत्र में एक ऑन लाइन सेंटर पर मार्कशीट को चेक करवाया। जहां उसे मार्कशीट जाली होने का पता लगा। इसके बााद से वह लगातार उससे संपर्क कर अपने 25 हजार रुपए वापस मांग रहा था, लेकिन वह नहीं दे रहा था। उसके पकड़े जाने की खबर मि लते ही शैलेष पुलिस के पास पहुंचा। अब पुलिस शैलेष की तरफ से एक ठगी का मामला राजीव गोविला पर और दर्ज कर रही है। जबकि उसके पास से ममता मित्तल के नाम से भी मार्कशीट व दस्तावेज मिले हैं। वह श्योपुर से पुलिस के संपर्क में है।

कौन है मोहम्मद सुलेमान

पुलिस को राजीव के पास से मोहम्मद सुलेमान का जाली बीजा जो सउदी अरब का है। साथ ही आरजीपीवी से बीई की मार्कशीट भी मिली है। अब पुलिस पता लगा रही है कि मोहम्मद सुलेमान कहां का है और कौन है। यह फर्जी बीजा पर सउदी अरब की यात्रा जाना चाहता था या राजीव ने उसे बीजा बनवाने के नाम पर झांसे में लिया था।

इन विभागों के सील सिक्के मिले

प्रचार्य उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, प्रचार्य दुर्गापुरी प्राइमरी स्कूल मुरार, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, परीक्षा नियंत्रक, प्रचार्य डीएसएस मॉडल स्कूल ग्वालियर, सीएमजे विश्वविद्यालय, सिविल सर्जन, उप संचालक शिक्षा मंडल ग्वालियर, के सील सिक्के मिले हैं।

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश

4 साल पहले भी राजीव क्राइम ब्रांच के हाथ लगा था। जब उसके साथ इस काम में उसका रिश्ते में ससुर और एक लड़की भी नाम आया था। अभी पुलिस ने उसके साथ कुछ लोगों को पकड़ा था, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर उन्हें पूछताछ के बाद जाने दिया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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