ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। नवरात्र में अष्टमी को कन्या पूजन होगा। लेकिन इस बार महा अष्टमी को कई शुभ योग बन रहे हैं। यदि इन शुभ योगों में कन्या पूजन किया जाए तो अच्छा फल प्राप्त हो सकता है। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि महाष्टमी तिथि को काफी शुभ योग बन रहा है। अष्टमी पर शोभन योग बन रहा है। शोभन योग 2 अक्टूबर को 5 बजकर 14 मिनट से शुरू हो रहा है और सोमवार को 2 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। इसमें कन्या पूजन करने से अच्छा फल प्राप्त होगा।

ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने कहा कि अष्टमी को कन्या पूजन के कई मुहूर्त है। इसलिए इन मुहूर्त में भी कन्या पूजन कर सकते हैं। इन मुहूर्तों में कन्या पूजन करने से शुभ फल मिलेगा। आचार्य सुनील चोपड़ा के मुताबिक अष्टमी को अमृत मुहूर्त- सुबह 6 बजकर 15 मिनट से 7 बजकर 44 मिनट तक, शुभ मुहूर्त- सुबह 9 बजकर 12 मिनट से 10 बजकर 41 मिनट तक, और नवमी तिथि का कन्या पूजन मुहूर्त 4 अक्टूबर को लाभ- सुबह 10 बजकर 41 मिनट से 12 बजकर 10 मिनट तक, अमृत- दोपहर 12 बजकर 10 मिनट तक दोपहर 1 बजकर 38 मिनट तक, शुभ- दोपहर 3 बजकर 7 मिनट से शाम 4 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। इन मुहूर्त में कन्या पूजन करना शुभ रहेगा।

कन्या पूजन विधि

ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा के मुताबिक देवी भागवत पुराण के अनुसार हवन,जप और दान से देवी इतनी प्रसन्न नहीं होतीं जितनी कन्या पूजन से प्रसन्न होती हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में माता की कृपा पाने के लिए कन्याओं के विविध रूपों की पूजा करने का विधान है। कन्या पूजन के लिए 2 से 9 साल तक की 9 कन्या को घर बुलाएं। जब 9 कन्या घर पर पधारें, तो उनका स्वागत करें। सबसे पहले उनके चरण धोएं। आसान बिछा कर उन्हें उचित स्थान पर बैठाएं। कन्याओं के माथे पर रोली लगाएं। उनकी आरती करते हुए मां दुर्गा का ध्यान करें। पूरी, हलवा और काले चने की सब्जी या इच्छा अनुसार भोजन कराएं। भोजन के बाद 9 कन्या को सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा या उपहार दें। पैर छूकर आशीर्वाद लें और उन्हें सम्मान के साथ विदा करें।

Posted By: anil tomar

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