- शक्ति की आराधना के लिए सजे मां के दरबार

ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। सिंह वाहिनी मां दुर्गा इस बार शेर पर सवार ना होकर हाथी पर सवार होकर आ रही हैं। नवरात्रि का पर्व 26 सितंबर से शुरू होकर 4 अक्टूबर तक चलेगा। इन दिनों में मैया की भक्ति में शहर डूबा रहेगा। बालाजी धाम काली माता मंदिर के ज्योतिषाचार्य डॉ. सतीश सोनी के अनुसार नवरात्रि 26 सितंबर से शुरू हो रही हैं। इस दौरान माता को प्रसन्न करने के लिए लोग बहुत तरह से उनकी पूजा उपासना करेंगे। इस बात से सभी वाकिफ है। की माता की सवारी शेर है। लेकिन नवरात्रि मैं उनके वाहन उनके आगमन के दिनों के अनुसार बदलते रहते हैं। इस बार वाराणसी पंचांग और मिथिला पंचांग के अनुसार माता का आगमन हाथी पर होगा। जिसे शुभ माना जा रहा है। शारदीय नवरात्रि शुक्ल योग और ब्रह्म योग में शुरू होगी। वही कन्या राशि में बुध, सूर्य, शुक्र, चंद्रमा मिलकर चतुर ग्रही योग का निर्माण करेंगे। शुक्र ग्रह कन्या में नीच के होते हैं। किंतु बुध के साथ होने से नीच राज भंग योग बनाएंगे जिससे लक्ष्मी मां प्रसन्न होंगी।26 सितंबर को सुबह 8:06 से ब्रह्म योग लगेगा। जो 27 सितंबर को समाप्त होगा। वही शुक्ल योग 25 सितंबर सुबह 9:06 से अगले दिन 8:00 बजे तक रहेगा। शारदीय नवरात्रि में यह दोनों योग के होने से माता के भक्तों के जीवन में सुख समृद्धि बढ़ेगी। संतान शिक्षा के साथ स्त्रियों के लिए धन प्राप्ति के अवसर नवरात्रि पर बनेंगे। तथा सर्वत खुशहाली और सुख संपदा फैलेगी।

ऐसे करें घटस्थापना

पवित्र स्थान की मिट्टी लेकर बेदी बनाएं वहां गेहूं वोये अपनी सामर्थ्य के हिसाब से बनाए गए। सोना, तांबा, मिट्टी के कलश को विधिपूर्वक स्थापित करें। कलश के ऊपर सोना, चांदी, तांबा, पत्थर या मिट्टी की प्रतिमा रख दें, मूर्ति नहीं रख पाने की दशा में कलश पर स्वास्तिक और उनके दोनों और माता के चित्र रखकर पूजा अर्चना करें, कलश में जल, गंगाजल ,रोली, हल्दी सिक्का, सुपारी डालें। कलश के मुंह से 5 बार मौली बाधै। कलश के ऊपर आम के पत्तों में नारियल रखें। इसे भी मौली से बाधे। तुलसी का उपयोग नहीं करें।

घट स्थापना शुभ मुहूर्त

कन्या लग्न की शुभ चौघड़िया अमृत में सुबह 6:08 से 7:38 तक

शुभ चौघड़िया मुहूर्त 9:08 से 10:30 सुबह

अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:44 से 12:32 तक सर्वश्रेष्ठ

विजय मुहूर्त दोपहर 2:18 से 3:07 तक

गोधूलि बेला शाम 6:07 से 6:31 तक

शहर के प्रमुख मां के मंदिर

शीतला माता मंदिर

स्थानः शिवपुरी लिंक रोड स्थापनाः 400 साल पहले कार्यक्रमः रात 12:00 बजे से पूजा शुरू

काली माता मंदिर

स्थानः पुराना हाई कोर्ट

स्थापनाः1725

कार्यक्रमः सुबह 5:00 बजे पट खुल जाएंगे 10:00 से हवन प्रतिदिन

मांडरे की माता मंदिर

स्थानः कैंसर पहाड़ी

स्थापनाः 141 वर्ष

कार्यक्रम सुबह 4:30 बजे पट खुलेंगे, 5:30 बजे महाआरती घटस्थापना 24 घंटे मंडली भजन करेगी। चौथे दिन हल्दी कुकू का कार्यक्रम

मनसा देवी माता मंदिर

स्थानः झांसी रोड

स्थापनाः अति प्राचीन लेकिन 1966 से दर्शन प्रारंभ कार्यक्रमः सुबह 5:00 बजे पट खुलेंगे मां का सिंगार महाआरती मन्नत के लिए हवन

मंशापूर्ण काली माता मंदिर

स्थानः बालाजी धाम गरगज कॉलोनी बहोड़ापुर

स्थापनाः 29 साल

कार्यक्रम। सुबह 5:00 बजे पट खुलेंगे। नौ दिवसीय दुर्गा सप्तशती पाठ अनुष्ठान ,मां का हर दिन सिंगार एवं संतान हीन महिलाओं की गोद भराई अखंड ज्योति मन्नत की अष्टमी को जागरण और हवन

नैहर वाली माता मंदिर

स्थानः नाका चंद्रवदनी

स्थापनाः करीब 400 साल

कार्यक्रमः 5:00 बजे आरती 10:00 बजे से अखंड ज्योति की स्थापना, शुक्रवार को रात्रि जागरण का आयोजन रोजाना हवन ,पूजन

करौली माता मंदिर

स्थानः महल गांव

स्थापनाः करीब 100 साल

कार्यक्रमः सुबह 5:00 बजे दर्शन के लिए पट खुलेंगे। रोजाना भजन संध्या और रात्रि जागरण

Posted By: anil tomar

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