मनीष शर्मा, ग्वालियर नईदुनिया। इस वर्ष का पहला अबूझ विवाह मुहूर्त बसंत पंचमी के दिन 5 फरवरी को रहेगा। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि विवाह एक मांगलिक कार्य है और विवाह शुभ मुहूर्त में ही करना चाहिए। हालांकि कुछ विवाह मुहूर्त ऐसे भी आते हैं, जिस दिन विवाह जैसे शुभ कार्यों के लिए किसी भी मुहूर्त के विचार की आवश्यकता नही होती। इस वर्ष विवाह के सात अबूझ मुहूर्त रहेंगे। जिसमें पहला अबूझ मुहूर्त बसंत पंचमी 5 फरवरी को और बाकी के मुहूर्त फुलेरा दोज 4 मार्च , अक्षय तृतीया 3 मई, पीपल पूर्णिमा 16 मई, गंगा दशमी 9 जून, भड़य्या नवमी 8 जुलाई, देव उठनी एकादशी 4 नवंबर पर रहेंगे।

बसंत पंचमी तिथि मुहूर्तः शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 5 फरवरी शनिवार को सुबह 3:47 बजे से शुरु होगी, जो अगले दिन 6 फरवरी रविवार को सुबह 3:46 बजे पर समाप्त होगी। बसंत पंचमी पूजन का मुहूर्त सुबह 7:07 बजे से लेकर दोपहर 12:35 बजे तक रहेगा।

बसंत पंचमी से करें शुभ कार्यों की शुरुआतः इस बार बसंत पंचमी पर शुक्र और गुरु ग्रह उदय रहने से विवाह मुहूर्त में रुकावट नहीं होगी। पिछले साल शुक्र अस्त होने के कारण बसंत पंचमी पर शादियों का मुहूर्त नहीं था।

इस दिन उपनयन संस्कार, मुंडन, कन-छेदन कर सकते हैं। सगाई या विवाह कर सकते हैं। इसके अलावा इस दिन नया कारोबार शुरू कर सकते हैं। गृह प्रवेश कर सकते हैं, मकान की नींव डाल सकते हैं। नया वाहन, बर्तन, सोना, घर, नए वस्त्र, आभूषण, वाद्य यंत्र, आदि खरीदने के लिए बसंत पंचमी शुभ दिन है। किसी नए कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, विदेश जाने के लिए आवेदन देने के लिए या संबंधित परीक्षा देने के लिए शुभ दिन माना जाता है।

अक्षय तृतीया अबूझ मुहूर्त भी है खासः इस वर्ष अक्षय तृतीया अबूझ मुहूर्त 3 मई को रहेगा। इस तिथि पर किए गए दान-धर्म का अक्षय यानी कभी नाश न होने वाला फल व पुण्य मिलता है। इसलिए यह सनातन धर्म में दान-धर्म का अचूक काल माना गया है। इसे चिरंजीवी तिथि भी कहते हैं, क्योंकि यह तिथि 8 चिरंजीवियों में एक भगवान परशुराम की जन्म तिथि भी है। हिंदू धर्म मान्यताओं में किसी भी शुभ काम के लिए साल के स्वयं सिद्ध मुहूर्तों में आखा तीज भी एक है। इस दिन विवाह, धर्म से जुड़े कार्य, नई भौतिक वस्तुओं की खरीददारी, धन निवेश से संबंधित कार्य कर सकते है।

Posted By: vikash.pandey

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