ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

कायाकल्प की रैंकिंग में प्रदेश में 19वां स्थान मिलने पर जिला अस्पताल के स्टाफ को अब परीक्षा देनी होगी। प्रशासनिक अफसर स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक पहले ही कर चुके हैं। अब फिर गुरुवार की दोपहर एक बजे बैठक रखी गई है। इसके साथ ही अस्पताल का पूरा स्टाफ उपस्थित होगा, जिसे एक टेस्ट पेपर भी हल करना होगा। फेल होने पर स्टाफ को पुनः ट्रेनिंग दी जाएगी। सिविल सर्जन द्वारा जारी पत्र में अस्पताल के समस्त डॉक्टर, स्टाफ नर्स व चतुर्थश्रेणी स्टाफ को प्रसूतिगृह मुरार के ऊपर मदर वार्ड में दोपहर एक बजे उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल स्टाफ की बैठक एसडीएम जयति सिंह लेंगी। पर खास बात यह है कि दोपहर एक बजे से बैठक रखी गई है जो कि ओपीडी का समय है। ओपीडी खाली होने पर मरीजों को इलाज कौन देगा। स्टाफ का कहना है कि बैठक करीब दो घंटे से अधिक चल सकती है।

डेढ़ माह में केवल सफाई व पार्किंग सुधरी-

पिछले निरीक्षण में 51वें रैंक पर आने के बाद प्रशासनिक अफसरों ने इस बार जिला अस्पताल की रैंकिंग सुधारने का जिम्मा अपने कंधों पर लिया। अक्टूबर से लगातार प्रशासनिक अफसर हर दिन अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासनिक अफसरों के निरीक्षण के बाद से अस्पताल की ओपीडी, साफ-सफाई, वाहन पार्किंग में सुधार हुआ। पर स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं में खास सुधार नहीं हो सका।

ओटी का काम हुआ प्रभावित-

ओटी (ऑपरेशन थिएटर)के कपड़े न धुलने के कारण काम प्रभावित हो रहा है। स्टाफ का कहना है कि ऑपरेशन के समय डॉक्टर, स्टाफ और मरीज को गाउन पहनना होता है, लेकिन यह धुले हुए कपड़े समय पर न मिलने के कारण बुधवार को ओटी में ऑपरेशन समय पर नहीं हो सके। स्टाफ का कहना है कि दोपहर में जब धुले हुए गाउन मिले उसके बाद ही दो ऑपरेशन हो सके। कपड़े धुलाई का पेमेंट पिछले 6 माह से नहीं हुआ। इसके चलते यह परेशानी आ रही है।

न दवाएं न सुविधाएं-

लगातार निरीक्षण , बैठकों के बाद भी मरीजों को कई दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। कुछ आवश्यक दवाएं इंफेक्शन की दवा, पेशाब संबंधी दवा, खुजली की दवा महीनों से उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। अस्पताल में बंद पड़ी मशीनें अभी तक चालू नहीं हो सकी हैं। अल्ट्रासाउंड की एक मशीन खराब पड़ी हुई है।

ओपीडी के समय में बैठक-

प्रशासनिक अफसर के साथ गुरुवार की दोपहर बैठक रखी गई है । वह समय ओपीडी का होता है, लेकिन सिविल सर्जन ने वही समय चुना। अस्पताल को नंबर वन की पोजिशन पर लाने के लिए अफसर मेहनत कर रहे हैं , जिसमें हम सभी सहयोगी हैं।

डॉ विपिन गोस्वामी, आरएमओ, जिला अस्पताल

Posted By: Nai Dunia News Network