ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने रेल सेवाओं को बंद कर दिया गया है। इसके चलते रेलवे के हजारों कर्मचारी अलग-अलग राज्यों में फंस गए थे। इनकों घर वापस पहुंचाने के लिए रेलवे द्वारा स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को भी करीब 900 कर्मचारियों को दो स्पेशल ट्रेन के जरिए ग्वालियर लाया गया। हैरानी की बात ये है कि स्वास्थ्य विभाग के अमले ने दूसरे राज्यों के निवासियों की जांच करने से ही इंकार कर दिया। इनके लिए वाहन व्यवस्था तक नहीं की गई। स्टेशन के स्टाफ ने भी शाम को इनको बाहर निकाल दिया। ऐसे में यह लोग पैदल ही घर के लिए निकल दिए।

रेलवे ने 22 मार्च रात 12 बजे से पैसेंजर ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया था। इससे ट्रेनों में चलने वाला पेंट्री कार का स्टाफ, वेंडर आदि अलग-अलग जगहों पर फंसे रह गए थे। अब इन कर्मचारियों को घर पहुंचाने की कवायद शुरू की गई है। गुरुवार को दोपहर झांसी से करीब 500 कर्मचारियों को स्पेशल ट्रेन से ग्वालियर लाया गया है। इनमें से कु छ कर्मचारी भिंड तो कु छ मुरैना के रहने वाले हैं। रेलवे से सूचना मिलने के बाद एसडीएम, स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं भारी संख्या में जीआरपी, आरपीएफ का बल भी स्टेशन पहुंच गया था। ट्रेन जैसे ही प्लेटफार्म नंबर एक पर रुकी तो सभी कर्मचारियों को ट्रेन से उतरते ही एक कतार में प्लेटफार्म पर बैठा दिया गया। इसके बाद सभी को लाइन में बाहर पहुंचाया गया। जहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनकी थर्मल स्केनर से जांच की है। इसके बाद दूसरी स्पेशल ट्रेन भी ग्वालियर पहुंची। इसमें भिंड, मुरैना के अलावा इटावा, धौलपुर, आगरा के भी निवासी सवार थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इनकी जांच करने से इंकार कर दिया। साथ ही इनको घर पहुंचाने की व्यवस्था रेलवे या स्थानीय प्रशासन द्वारा नहीं की गई। आरपीएफ ने भी शाम को यह कहकर स्टेशन से बाहर निकाल दिया कि यहां भीड़ नहीं जमा हो सकती है। 50 से अधिक लोग बिना स्क्रीनिंग के ही शहर में दाखिल हो गए। हालांकि बताया जा रहा है कि यह लोग गोला का मंदिर तक पैदल पहुंचे हैं। इसके बाद कुछ ट्रकों के जरिए घर के लिए रवाना भी हो गए हैं।

आरटीओ ने कि या बस का इंतजामः कर्मचारियों को उनके जिलों तक पहुंचाने के लिए परिवहन विभाग ने बसों का इंतजाम पहले से कर दिया था। इसमें सभी कर्मचारियों को एक-एक सीट छोड़कर बैठाकर रवाना कर दिया गया। दूसरी राज्यों से आए लोगों के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया।

नहीं चला सके थर्मल स्केनरः स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल कु छ कर्मचारी तो थर्मल स्केनर चला ही नहीं सके । ऐसे में कु छ कर्मचारियों को मैन्युअल चेकअप भी कि या गया है।

बताते रहे नियमः कर्मचारी जैसे ही ग्वालियर स्टेशन पर उतरे तो घर पहुंचने की जल्दी में बाहर निकलने लगे। आरपीएफ जीआरपी को इनको रोकने में काफी मशक्कत भी करना पड़ी है। लोगों को यह भी समझाना पड़ा कि वह सभी से दूर रहें एवं एक-एक मीटर की दूरी बनाकर बैठे।

स्पेशल ट्रेन में छिपकर आने की खबरः-स्पेशल ट्रेन में कुछ ऐसे लोगों के भी ग्वालियर पहुंचने की खबर है जो रेलवे के कर्मचारी नहीं है। इनकी संख्या भी करीब 100 से ज्यादा बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि चंबल कमिश्नर ने इस संबंध में डीआरएम से भी चर्चा की है। हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

वर्जनः-

हमने एसडीएम एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजकर सभी की जांच कराई है। बिना स्क्रीनिंग किए किसी को बाहर नहीं जाने दिया गया है। वैसे अचानक यदि संख्या बढ़ जाएगी तो उनको घर भेजने का इंतजाम भला कैसे किया जा सकेगा। फिर भी हमने सभी के लिए भोजन के पैकेट भिजवा दिए थे। जिससे उनको परेशानी नहीं हो।

किशोर कान्याल, एडीएम

Posted By: Nai Dunia News Network

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