ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

कोरोना के खतरे को देखते हुए सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर तैयारी में जुटे हैं। केन्द्र सरकार से मौखिक निर्देश मिलने के बाद झांसी मंडल ने भी बेड बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। सिथौली कारखाने में बेड बनाए जाने की व्यवस्था भी है। उधर रेलवे अपने स्टाफ को सुरक्षित रखने के लिए खुद ही सैनिटराइजर एवं मास्क भी बनवा रहा है। यदि अधिक संख्या में बनते हैं तो अन्य लोगों को भी उपलब्ध कराने पर विचार किया जा सकता है।

कोरोना के खतरे को देखते हुए केन्द्र सरकार ने रेलवे को अपने कारखानों में वेंटिलेटर एवं बेड बनाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि अब तक लिखित में ऐसे कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं, केवल मौखिक ही कहा गया है। सिथौली में रेलवे का बड़ा स्िप्रग कारखान है। यहां वेंटिलेटर बनाना तो संभव नहीं है, लेकिन बेड बनाने का पूरा सामान मौजूद है। खबर है कि निर्देश मिलने के बाद रेलवे ने यहां पर बेड बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। जिससे यदि मरीज बढ़ते हैं और जरूरत पड़ती है तो तत्काल बेड बनाने का काम शुरू किया जा सके। सूत्रों की माने तो इस संबंध में स्थानीय प्रशासन से भी चर्चा हो चुकी है।

खुद बना रहे सैनिटराइजरः-बाजार में इन दिनों सैनिटराइजर एवं मास्क की कमी हो गई है। ऐसे में रेलवे ने अपने स्टाफ के लिए सैनिटराइजर एवं मास्क बनाने की जिम्मेदारी भी खुद ही उठाई है। डीआरएम संदीप माथुर के निर्देश पर महिला समितियां कपड़े का मास्क बनाने में जुटी हुई है। इसे रेलवे स्टाफ को उपलब्ध भी कराया जाने लगा है। वहीं मेडिकल टीम की मदद से सैनिटराइजर तैयार किया जा रहा है। जिससे स्टाफ को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आए। हालांकि रेलवे की योजना है कि यदि अधिक मात्रा में सैनिटराइजर एवं मास्क बन जाते हैं तो उसे अन्य लोगों को भी वितरित करने पर विचार किया जा रहा है।

वर्जनः-

अभी हमें लिखित निर्देश नहीं मिले हैं, चर्चा जरूर हुई है। यदि जरूरत पड़ती है तो हमारे यहां बेड बनाने के सभी संसाधन मौजूद है। हालांकि हमारी अभी स्थानीय प्रशासन से कोई बात नहीं हुई है। हम अपने स्टाफ के लिए भी खुद ही सैनिटराइजर एवं मास्क बनवा रहे हैं। हमारा स्टाफ विषम परिस्थितियों में भी अपने मोर्चे पर डटा हुआ है। क्योंकि गुड्स ट्रेनों के जरिए खाद्य सामग्री की सप्लाई करना जरूरी है।

संदीप माथुर, डीआरएम झांसी

Posted By: Nai Dunia News Network