ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

कोरोना से लड़ाई के लिए जयारोग्य अस्पताल प्रबंधन पूरी तरह से तैयार होने का दावा कर रहा है। जेएएच की पत्थर वाली इमारत में 500 बेड आरक्षित किए जा रहे हैं। सुपर स्पेशिलिटी में पहले से ही 170 बेड रिजर्व किए जा चुके हैं। माधव डिस्पेंसरी में कोल्ड ओपीडी अब 4 कमरों में संचालित होगी, साथ ही मरीजों की सेम्पलिंग भी अब यहीं हो जाएगी। जिससे मरीज को इधर उधर भटकना नहीं होगा। हालांकि जिला अस्पताल मुरार में जरूर व्यवस्था बदहाल है। रूटीन ओपीडी बंद होने के बाद अधिकांश चिकित्सक खाली बैठे हैं। इसके बाद भी इनकी ड्यूटी कोल्ड ओपीडी में नहीं लगाई गई है। इससे पूरा लोड केवल 13 चिकित्सकों पर आ गया है। वहीं कोल्ड ओपीडी का संचालन भी कैजुअल्टी के पास किया जा रहा है।

जयारोग्य अस्पताल में स्वस्थ्य हो चुके मरीजों को डिस्चार्ज करने की प्रक्रिया जारी है। गंभीर मरीजों को अब एक ही वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है। जिससे यहां पर कोरोना के मरीजों के लिए 500 बेड रिजर्व किए जा सकें। इसके लिए स्टाफ एवं डॉक्टरों का भी इंतजाम किया जा रहा है। पीजी डॉक्टरों का ड्यूटी चार्ट तैयार हो रहा है। वहीं सुपर स्पेशिलिटी में 15 वेटिंलेटर पहले से थे, 15 वेटिंलेटर निजी अस्पतालों ने उपलब्ध करा दिए हैं। इस प्रकार तीस वेटिंलेटर का इंतजाम हो चुका है। गौरतलब है कि कोरोना मरीजों के लिए वेंटिलेटर एवं ऑक्सीजन होना बहुत जरूरी है। यहां पर 170 बेड मरीजों के लिए रिजर्व कर दिए गए हैं।

अब ओपीडी में ही होगी जांचः-जीआर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ एसएन अयंगर के निर्देश पर माधव डिस्पेंसरी में कोल्ड ओपीडी के लिए चार कमरे आरक्षित कर दिए गए हैं। इससे भीड़ एकत्रित नहीं होगी। साथ ही मरीजों की भीड़ ना लगे इसलिए बाहर गोले भी बना दिए गए हैं, जिसमें मरीज को खड़ा रहना होगा। कोल्ड ओपीडी के पास ही दो कमरे पैथोलॉजी एवं माइक्रोबायोलॉजी विभाग के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। इससे मरीजों को जांच के लिए इधर उधर नहीं भटकना पड़ेगा। उनके सेम्पल माधव डिसपेंसरी में ही कलेक्ट हो जाएंगे। कोल्ड ओपीडी का नोडल ऑफिसर डॉ सुनील अग्रवाल एवं डॉ अजय पाल को बनाया गया है।

मशीन हुई इस्टॉल, किट आते ही ट्रायल शुरूः-जीआर मेडिकल कॉलेज के वायरोलॉजी लैब में आरटीपीसीआर मशीन गुरूवार को इस्टॉल कर दी गई है। खबर है कि सुबह ही इंजीनियर कॉलेज पहुंच गए थे। अब शुक्रवार तक यदि किट आ जाती है तो ट्रायल भी शुरू कर दिया जाएगा। यदि सबकुछ बेहतर रहा तो दस दिन से पहले भी जीआर मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस की जांच की सुविधा शुरू हो सकती है।

मास्क सैनिटराइजर मिलने से राहतः-जयारोग्य अस्पताल के दवा स्टोर में मास्क, किट आदि सामान पहुंच चुका है। सामान को सभी डॉक्टर एवं नर्सों को बांटने के आदेश भी दिए जा चुके हैं। जिससे डॉक्टरों ने राहत की सांस ली है।

जिला अस्पताल में हाल बेहालः-जिला अस्पताल मुरार में कैजुअल्टी के पास ही कोल्ड ओपीडी का कक्ष बनाया गया है। इससे सामान्य मरीजों के भी संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। यहां केवल 13 चिकित्सक ड्यूटी संभाल रहे हैं। इससे डॉक्टरों पर लोड बढ़ गया है। उधर रूटीन ओपीडी एवं सर्जरी बंद होने से अधिकांश चिकित्सकों पर काम का लोड कम हो चुका है। जिनकी ड्यूटी अब तक कोल्ड ओपीडी में नहीं लगाई गई है। यदि इन डॉक्टरों की ड्यूटी यहां लगा दी जाएगी तो यहां पदस्थ डॉक्टरों को थोडी राहत मिलने की उम्मीद है।

वर्जनः-

वायरोलॉजी लैब में मशीन गुरूवार को इस्टॉल हो चुकी है। जैसे ही किट आएगी हम ट्रायल शुरू करवा देंगे। हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द मेडिकल कॉलेज में जांच शुरू हो सके, जिससे शहरवासियों को सुविधा मिल सके। सामान स्टोर में पहुंच गया और बांटना भी शुरू कर दिया गया है। कोल्ड ओपीडी में अब चार कमरे मरीजों की जांच के लिए होंगे, साथ ही यहीं पर जांच के लिए पैथोलॉजी एवं माइक्रोबायोलॉजी के डॉक्टर भी बैठेंगे। इससे मरीजों को जांच के लिए इधर उधर भटकना नहीं होगा।

डॉ एसएन अंयगर, डीन जीआर मेडिकल कॉलेज

वर्जनः-

हम कोरोना के मरीजों के लिए जेएएच की पत्थर वाली इमारत में 500 बेड आरक्षित कर रहे हैं। सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल भी पूरी तरह तैयार है। वहां बेड एवं वेंटिलेटर का इंतजाम किया जा चुका है।

डॉ अशोक मिश्रा, अधीक्षक जेएएच

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