ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

बेहट में कोरोना पॉजिटिव पति-पत्नी की तीन संतान हैं। जिसमें एक 5 दिन का बच्चा भी है। इनके परिवार में कोई नहीं था, इसलिए प्रशासन ने इनको बेहट में एक धर्मशाला में ही क्वारंटाइन कर दिया। मगर इस परिवार के लिए खाना-पानी तक का इंतजाम नहीं किया गया है। मोहल्ले वाले यदि मदद नहीं करें तो बच्चों को भूखा ही सोना पड़े। इतना ही नहीं पंखा तक नहीं था, मोहल्ले वालों से गुहार लगाई तो टेबल फेन लाकर लगाया तब राहत मिली। इसी प्रकार की स्थिति अधिकांश क्वारंटाइन सेंटरों पर है। 45 डिग्री तापमान में मरीज पंखे कूलर नहीं होने से पसीना-पसीना हो रहे हैं।

बेहट निवासी पति पत्नी के दो दिन पहले पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी। इनके परिवार में तीन बच्चे हैं। घर में कोई नहीं था जो बच्चों का ध्यान रख सके। इसलिए प्रशासन ने इनको बेहट में एक धर्मशाला में क्वारंटाइन कर दिया। शहरी क्षेत्र में तो दोनों टाइम भोजन पहुंच रहा है, जबकि इस परिवार के लिए पानी तक का प्रबंध नहीं किया गया है। कोरोना पॉजिटिव मरीज ने नईदुनिया से बातचीत में बताया कि मोहल्ले वाले दोनों टाइम का भोजन देकर जाते हैं। यदि मोहल्ले से भोजन नहीं आए तो भूखा ही सोना पड़ जाता है। पानी भी मोहल्ले के लोग ही भरकर रख जाते हैं, वर्ना हम तो कोरोना से पहले भूख प्यास से ही मर जाएं। गर्मी इतनी पड़ रही है, धर्मशाला में एक पंखा तक नहीं था। मोहल्ले के लोगों को जब हमने अपनी तकलीफ बताई तो उन्होंने यहां पर एक टेबल फेन लाकर लगाया है। वर्ना बच्चों का गर्मी से बुरा हाल हो रहा था। कोई डॉक्टर तक यहां पर देखने नहीं आ रहा है।

दो दिन से पंखा बंद, गर्मी से हालत खराबः-

आरएसवीएम हॉस्पिटल न्यू कलेक्ट्रेट के पास क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए कोरोना पॉजिटिव मरीज निवासी जीवाजीगंज गर्मी से खासे परेशान हैं। उनका कहना है कि दो दिन से यहां पंखा खराब है, अब तक सही नहीं हुआ है। एक बड़े हॉल में पांच मरीज भर्ती हैं, जिनके बीच में केवल छह पंखे हैं। गर्मी इतनी पड़ रही है, ऐसे में हालत खराब हो रही है।

2 दिन से पौंछा नहीं लगा, टॉयलेट भी गंदेः-

आरएसवीएम हॉस्पिटल में भर्ती एक अन्य कोरोना पॉजिटिव मरीज निवासी छतरपुर ने बताया कि 21 मई को वह यहां आए थे। कोई सैनिटाइजेशन नहीं किया गया, तब से अब तक पौंछा तक नहीं लगा है। हमारे लिए दो दिन में जो खाने के पैकेट आए हैं, वह तो यहां से नहीं हटाए गए हैं। जिन पर मक्खियां भिनभिना रही हैं। दो दिन में आज डॉक्टर देखने आए हैं, दवा भी अब तक हमें नहीं मिली है। एक ही कैंपर से सभी लोग पानी पी रहे हैं। ऐसे तो हम ठीक होने की जगह बीमार हो जाएंगे।

डॉक्टर फोन पर पूछते हैं-कैसे होः-

बिडला अस्पताल में भर्ती नई सड़क निवासी कोरोना पॉजिटिव मरीज का कहना है कि चाय नाश्ता, खाना तो ठीक है, मगर एक समस्या है कि डॉक्टर देखने नहीं आते हैं। डॉक्टर केवल फोन पर ही पूछते हैं कि कैसे हो, नर्स आकर दवाई दे जाती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस