ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। दादी हमारे घर की बुनियाद थीं। जब अस्पताल आईं तो पूरी तरह स्वस्थ थीं। स्टाफ देखभाल कर नहीं रहा था, बाई की कहा तो मना कर दिया। 19 मई को कैथेटर निकल गया तो घंटों लगाने कोई नहीं आया। शुक्रवार से तबीयत बिगड़ना शुरू हो गई थी। शनिवार को सुबह जब हालत बिगड़ने लगी तो हमने डॉक्टरों को खोजा, लेकिन कोई नहीं मिला। हम गुहार लगाते रहे कि दादी की सांस उखड़ रही है, ऑक्सीजन लगा दो, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण आखिर शनिवार शाम 5.30 बजे दादी ने दम तोड़ दिया। लेकिन मैं किसी को नहीं छोडूंगा, इसकी शिकायत हर स्तर पर करूंगा।

100 वर्षीय वृद्धा देवा बाई की मौत के बाद उनके नाती पंकज गुप्ता ने यह आरोप लगाया है। 19 मई को भी पंकज ने नईदुनिया को वीडियोकॉल एवं फोटो के जरिए सुपर स्पेशियलिटी में लापरवाही की सूचना दी थी। साथ ही बताया था कि यहां डॉक्टर मौजूद नहीं रहते हैं। इस अव्यवस्था को हमने प्रमुखता से प्रकाशित भी किया था। दरअसल देवा बाई की हालत शनिवार की सुबह से ही बिगड़ना शुरू हो गई थी। पंकज गुप्ता के मुताबिक जब अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिले तो हमने वरिष्ठ अफसरों को फोन लगाकर स्थिति से अवगत कराया। लेकिन कोई डॉक्टर देखने तक नहीं आया। उनकी सांस उखड़ रही थी, हम बोल रहे थे कि ऑक्सीजन या वेंटिलेटर लगा दो। लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। यदि समय पर डॉक्टर देख लेते तो शायद आज हमारी दादी हमारे बीच होतीं। गुप्ता परिवार ने वृद्धा की मौत के बाद वार्ड में भी काफी हंगामा किया। इसलिए शव निकालने में भी देरी हो गई।

एक ही मोहल्ले में कोरोना से दो मौतः ठाकुरबाबा रोड डबरा इलाके में 13 दिन में कोरोना से दो मौत हो चुकी हैं। इसके अलावा वृद्धा के पुत्र राजेंद्र गुप्ता भी संदिग्ध कोरोना मरीज के रूप में जेएएच के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती थे। परिजनों ने सैंपलिंग की गुहार लगाई थी, लेकिन डॉक्टरों नहीं सुनी। मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को शव सौंप दिया। परिजनों ने अंतिम संस्कार भी कर दिया। इसके बाद से अब तक गुप्ता परिवार में 12 पॉजिटिव केस मिल चुके हैं, जबकि डबरा में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 28 हो चुकी है। सभी लोग रोहिरा एवं गुप्ता परिवार से कहीं ना कहीं जुड़े हुए हैं।

परिजन बोले-बिना सहमति कैसे किया अंतिम संस्कारः मृतका देवा बाई का प्रशासन ने आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर दिया। जबकि परिजन सूचना मिलते ही डबरा से निकल चुके थे। जब परिजन लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम पहुंचे और अंतिम संस्कार हो चुका देखा तो भड़क गए। उनका आरोप था कि हमारी बिना सहमति के आपने अंतिम संस्कार कैसे कर दिया। इंसीडेंट कमांडर शिवानी पांडे ने जब नोडल प्रभारी से पूछा तो उन्होंने कहा कि आपकी मौजूदगी में ही तो हुआ है, आपने ही पीपीई किट भी दी थी। कुल मिलाकर मामला अब कलेक्टर तक पहुंच चुका है।

मोह घर ले चलोः वृद्धा देवा बाई की मौत के बाद दो दिन पुराना एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चल रहा है। जिसमें वह बार-बार केवल यही कह रही थीं कि मोहे घर ले चलो।

पॉजिटिव मरीजों के रिश्तेदार भी पॉजिटिवः

बेहट निवासी पति-पत्नी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। उनको धर्मशाला में क्वारंटाइन करके रखा गया था। अब उनका 5 साल का बेटा भी पॉजिटिव आया है। उधर मुंबई से लौटी घोसीपुरा निवासी महिला 16 मई को पॉजिटिव पाई गई थी। अब उनकी बेटी और बहू भी पॉजिटिव आई हैं।

6 पॉजिटिव मरीजों की कांटेक्ट एवं ट्रेवल हिस्ट्रीः-

मरीजः-32 वर्षीय ननद एवं 40 वर्षीय भाभी

निवासीः-घोसीपुरा

कांटेक्ट एवं ट्रेवल हिस्ट्रीः-आस्मा अपनी मां नजमा सहित 8 लोगों के साथ 7 दिन पहले पर्सनल वाहन से मुंबई पहुंची थीं। वह सीधे अपने घर गईं। अस्पताल में सैपलिंग कराने के बाद फिर घर में ही रही थीं। उनकी मां 16 मई को पॉजिटिव पाई गई थीं। परिवार में कुल 18 सदस्य हैं। मुंबई से आने वालों में 4 बच्चे एवं 4 महिलाएं शामिल हैं। 8 लोगों की सैंपलिंग में एक ही महिला पॉजिटिव आई थी, दोबारा जब बीते रोज सैंपलिंग हुई तो ननद भाभी भी संक्रमित निकली हैं। दोनों को अस्पताल में भर्ती किया गया है।

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मरीजः-5 वर्षीय बालक

निवासीः-बेहट

कांटेक्ट एवं ट्रेवल हिस्ट्रीः-माता-पिता के साथ बेटा 18 मई को अहमदाबाद से आया था। माता-पिता दो दिन पहले ही पॉजिटिव पाए गए थे। बेटा भी जांच में शनिवार को संक्रमित पाया गया है। वर्तमान में बेहट में ही क्वारंटाइन करके रखा गया है।

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मरीजः-30 वर्षीय महिला

निवासीः-चक गुंधारा

ट्रेवल हिस्ट्रीः-महिला अपने पति एवं दो बच्चों के साथ 16 मई को सरकारी बस से इटावा तक आए थे। यहां से दोनों लिफ्ट लेकर गांव तक पहुंचे। जहां पर प्रशासन ने दोनों को सरकारी संस्थान में क्वारंटाइन कर दिया था। शनिवार को आई रिपोर्ट में महिला पॉजिटिव पाई गई है।

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मरीजः-37 वर्षीय युवक

निवासीः-गुंधारा

ट्रेवल हिस्ट्रीः-पुणे से दो दिन पहले ग्वालियर पहुंचा था। जैसे ही गांव वालों को खबर मिली तो प्रशासन को सूचना दी गई। इसके बाद युवक की सैंपलिंग कराई गई। रिपोर्ट आने के बाद एमपीसीटी कॉलेज स्थित क्वारंटाइन सेंटर भेज दिया गया है।

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मरीजः-35 वर्षीय युवक

निवासीः-चक गुंधारा

ट्रेवल हिस्ट्रीः-47 लोगों के साथ अहमदाबाद से तीन दिन पहले ग्वालियर आया था। युवक जैसे ही गांव में पहुंचा तो लोगों ने खेत पर ही रोक दिया। प्रशासन को सूचना देने के बाद सैंपलिंग के लिए टीम भेजी गई। गांव वाले इस दौरान खेत पर ही युवक का खाना पहुंचाते रहे हैं। शनिवार को एम्बुलेंस खेत से ही युवक को लेकर अस्पताल पहुंची है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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