मनीष शर्मा, ग्वालियर नईदुनिया। संविधान दिवस पर शुक्रवार काे महाराज बाड़ा स्थित डिजिटल लाइब्रेरी पहुंचने वाले शहरवासी पहली बार डिजिटल स्क्रीन पर संविधान के पन्ने पलट सकेंगे। उन्हें यह सुविधा सुबह 11 बजकर 30 मिनट से शाम पांच बजे तक मिलेगी। प्रबंधन के अनुसार संविधान दिवस पर खासी संख्या में शहरवासी संविधान की इस मूल प्रति को देखने के लिए लाइब्रेरी पहुंचते हैं। इसलिए संविधान की मूल प्रति को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से इस बार लोग सिर्फ मूल प्रति को दूर से देख सकते हैं। जबकि इसको पड़ने के लिए टच स्क्रीन पर सविधान की मूल प्रति उपलब्ध रहेगी, जहां शहरवासी इसे पढ़ सकते हैं।

पिछले वर्ष कोविड के चलते शारीरिक दूरी के साथ ही थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क के साथ ही इस प्रति को हाथ लगाने की अनुमति दी गई। इस बार कोरोना से राहत मिलने से इसे पाठकों के लिए अच्छी खबर माना जा सकता है। 231 पृष्ठों वाली इस प्रति पर कीमत महज 120 रुपये दर्ज है। मूल प्रति में भारत के पहले राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद और प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू सहित संविधान सभा के सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। इसे लाइब्रेरी में 31 मार्च 1956 में लाया गया था, तब से यह हर साल गणतंत्र दिवस और संविधान दिवस पर इसे लाइब्रेरी में आने वाले लोगों के लिए रखा जाता है।

308 सदस्यों के हस्ताक्षर: संविधान की इस प्रति में उन सभी सदस्यों के हस्ताक्षर हैं, जो संविधान समिति में मौजूद थे। इसमें संविधान ड्राफ्ट कमेटी के अध्यक्ष डा. भीमराव आंबेडकर, संविधान निर्माण समिति के अस्थायी अध्यक्ष डा. सच्चिदानंद सिंह, डा. राजेंद्र प्रसाद, पं. जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल, कन्हैयालाल मुंशी और दुर्गाबाई देशमुख आदि के हस्ताक्षर हैं। इसमें आर्टिकल को लिथोग्राफी में उतारा गया है। मूलप्रति का डिजाइन शांति निकेतन के कलाकार राममनोहर सिंहा और नंदलाल बोस ने तैयार किया था।

Posted By: vikash.pandey

NaiDunia Local
NaiDunia Local