ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। नगर निगम द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 के तहत एप तैयार किया जा रहा है। इस एप में कई प्रकार की सहुलियत होंगी। इससे नगर निगम के टिपर वाहनों की लाइव लाेकेशन भी पता चल सकेगी। इससे लोगों को कचरा टिपर वाहन में डालने के लिए वाहन के आने का इंतजार नहीं करना होगा। इस सिस्टम से निगम का डीजल भी बचेगा ।

नगर निगम द्वारा शहर में चलाए जा रहे 210 टिपर वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाए गए हैं। इन जीपीएस की निगरानी कंट्रोल कमांड सेंटर से की जा रही है। लेकिन आमजनों को इनके आने एवं जाने का पता नहीं चल पाता है। लोगों को इन टिपर वाहनों में बजने वाले गाने को सुनकर इनके आने की जानकारी मिलती है। वहीं जो लोग मल्टी स्टोरिज में रहते हैं उन्हें इसका भी पता नहीं चल पाता है। इसके कारण यह लोग टिपर वाहन में कचरा नहीं डाल पाते हैं। जिसके कारण कई लोग मजबूरीवश ना चाहते हुए भी सड़क एवं खुले में कचरा फैंक देते हैं। इस परेशानी को खत्म करने के लिए नगर निगम द्वारा एप तैयार किया जा रहा है। इस एप से टिपर वाहनों की जीपीएस लोकेशन भी जोड़ी जाएगी। इससे लोगों को पता चल जाएगा कि उन्हें जिस टिपर वाहन में कचरा डालना है वह कितनी देर में उन तक पहुंचेगा। इससे समय पर लोग टिपर वाहन में कचरा डाल सकेंगे।

डीजल की होगी बचत

टिपर वाहन अभी कई स्थानों पर लोगों के कचरा लेकर आने का इंतजार करता है। साथ ही कई स्थान ऐसे हैं जहां पर लोगों के दरवाजों पर जाकर दस्तक भी देनी पड़ती है। इस दौरान टिपर वाहन खड़ा रहता है जिससे उसका डीजल बेकार में जलता है। लेकिन एप से वाहनों की लोकेशन पता चलने पर लोग बहुत कम समय में कचरा डाल देंगे ।

रूट चार्ट तैयार

जीपीएस लोकेशन को आमजनों को देने से पहले नगर निगम ने वाहनों के रूट चार्ट तैयार कर लिए हैं। इन रूट चार्ट के हिसाब से टिपर वाहनाें का संचालन किया जा रह है। इसके कारण अब टिपर वाहन अपने तय रूट पर ही चलेंगे।

वर्जन

नगर निगम द्वारा एप तैयार किया जा रहा है। इस एप में टिपर वाहनों के जीपीएस को भी जोड़ा जाएगा। फरवरी मध्य तक यह सिस्टम पूरे शहर में काम करने लगेगा।

शैलेंद्र सक्सेना, वर्कशाॅप प्रभारी नगर निगम

Posted By: anil.tomar

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