ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। महाराजपुरा स्थित एयरफोर्स स्टेशन के 100 मीटर के दायरे में बने दोमंजिला मकान को तोड़ने पहुंची जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम गुरुवार को पुलिस बल की कमी के कारण बैरंग लौट आई। ग्राम भंडोली में निर्मित इस मकान को तोड़ने के लिए अमला जब पहुंचा, तो मौके पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था। इस दौरान स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया। अमले के साथ सिर्फ तीन पुलिसकर्मी मौजूद थे। थाने से पर्याप्त बल उपलब्ध न होने के कारण टीम को वापस लौटना पड़ा।

पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के श्योपुर प्रवास के समय एसपीजी ने जब हवाई अड्डे की सुरक्षा का जायजा लिया, तो इस मकान पर उनकी नजर पड़ी। इस मामले पर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा की। गुरुवार को एडीएम इच्छित गढ़पाले ने नगर निगम के मुख्य समन्वयक अधिकारी सुरेश अहिरवार को बुलाकर नाराजगी व्यक्त की और निर्देश दिए कि दो मंजिला मकान की ऊपरी मंजिल तोड़ दी जाए। इसका कारण यह है कि दूसरी मंजिल से हवाई पट्टी तक नजर आती है। एडीएम ने तहसीलदार और पुलिस को भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए, लेकिन पुलिस बल पर्याप्त न होने के कारण टीम को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा। सिटी प्लानर पवन सिंघल का कहना है कि जल्द ही पुलिस बल के साथ कार्रवाई की जाएगी।

गोविंदपुरी में तोड़ी अवैध बाउंड्रीवाल

उधर निगम के मदाखलत अमले ने मिलेनियम प्लाजा के पीछे गोविंदपुरी में खाली पड़े प्लाट पर अवैध रूप से बनाई गई बाउंड्रीवाल को तोड़ने की कार्रवाई की। सहायक सिटी प्लानर ब्रजकिशोर त्यागी ने बताया कि गोविंदपुरी में कृष्ण सिंह कुशवाह द्वारा खाली प्लाट पर कब्जा कर बाउंड्रीवाल तैयार कर ली गई थी। कार्रवाई के दौरान दस्तावेज मांगे गए, तो कृष्ण सिंह का कहना था कि 30 वर्षों से इस प्लाट पर कब्जा है। वे कोई कागजात नहीं दिखा सके। इस कारण बाउंड्रीवाल को गिरा दिया गया है।

Posted By: anil tomar

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