- झारखंड से बुंदेलखंड के रास्ते आएगा कम दवाब का क्षेत्र, ग्वालियर-चंबल से होते हुए गुजरेगा

- पश्चिम बंगाल के पास है सक्रिय

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शनिवार को सुबह से मानसून के बादल मेहरबान हो गए। सुबह से लेकर 11 बजे तक शहर में 41 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। बारिश शाम तक जारी रह सकती है। बारिश के चलते चलते शहर तर हो गया। उमस से राहत मिल गई। बंगाल की खाड़ी के सिस्टम ने 20 किमी प्रतिघंटा की गति से आगे बढ़ना शुरु कर दिया है, जिसके चलते दोपहर बाद वर्षा में तेजी आएगी। शाम तक झमाझम के आसार हैं। यह सिस्टम बुंदेलखंड के रास्त ग्वालियर चंबल संभाग में पहुंचेगा। 21 से 22 अगस्त के बीच इस सिस्टम का पूरा असर ग्वालियर चंबल संभाग के ऊपर रहेगा। इससे भारी वर्षा का दौर चलेगा। मानसून का पहला सिस्टम झारखंड से बुंदेलखंड होते हुए आ रहा है।

मानसून सीजन के 80 दिन बीत गए हैं। 42 दिन और शेष बचे हैं। सीजन के 80 दिनों में जिले में खंड वर्षा का दौर जारी रहा है। स्थानीय प्रभाव व मानसून ट्रफ लाइन के असर से हुई है। बंगाल की खाड़ी से आने वाला एक भी कम दवाब का क्षेत्र अंचल की ओर नहीं आया। जबलपुर से भोपाल, मालवा से गुजरात, राजस्थान में कमजोर पड़ गए। इन सिस्टमों के ग्वालियर उत्तर में पड़ गया। हवा में जो नमी अाई, उससे वर्षा हो गई। इस कारण अभी भारी वर्षा नहीं हुई है। बंगाल की खाड़ी में नया कम दवाब का क्षेत्र बना है, उससे भारी वर्षा की उम्मीद जागी है। क्योंकि इस सिस्टम का रास्ता मानसून ट्रफ लाइन सामान्य स्थिति में

-मानसून ट्रफ लाइन अभी हिमालय की तराई से होते हुए गुजर रही है। बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के आगे बढ़ने पर यह अपनी सामान्य स्थिति में आएगी। इसके सामान्य स्थिति में आने से वर्षा का दौर शुरू होगा। शनिवार को मानसून ट्रफ लाइन सामान्य स्थिति में आ जाएगी।

- बंगाल की खाड़ी के कम दवाब के क्षेत्र के आगे बढ़ने की गति 20 किमी प्रतिघंटा है। इस कारण 20 व 21 अगस्त के रात से ग्वालियर-चंबल संभाग में वर्षा की गतिविधि में तेजी आ जाएगी।

इनका कहना है

- बंगाल की खाड़ी में कम दवाब का क्षेत्र विकसित हो चुका है। बुंदेलखंड, ग्वालियर-चंबल संभाग में भारी वर्षा की संभावना है। 20 अगस्त से हल्की व मध्यम वर्षा के रूप में कम दवाब के क्षेत्र का असर दिखने लगेगा। 21 व 22 अगस्त को अच्छी वर्षा की परिस्थिति रहेगी।

डा वेदप्रकाश सिंह, रडार प्रभारी मौसम केंद्र भोपाल

Posted By: anil tomar

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