Oxygen cylinder theft case: ग्वालियर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में अंचल के सबसे बड़े अस्पताल से 379 सिलेंडर चोरी होने के बाद किसी को फर्क नहीं पड़ा। खुद जिनके यहां से चोरी हुई यानी जयारोग्य अस्पताल प्रबंधन ने जांच रिपोर्ट तक पुलिस को नहीं दी। पुलिस महकमा भी क्या कम था, जेएएच के चार कार्टन भरकर दस्तावेजों को कौन पढ़े, जांच रिपोर्ट के लिए हाथ पर हाथ धर बैठे हैं, जांच शुरू ही नहीं की। सरकारी प्रक्रिया कुछ भी हो जेएएच हो या ग्वालियर पुलिस, कोई इस सिलेंडर कांड को खोलना ही नहीं चाहता है। एक साल से पूरे मामले को फाइलों को दबा दिया गया तो ऐसे में साठगांठ की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।

इस मामले में जेएएच के डीन, अधीक्षक हों या पुलिस की ओर से थाना प्रभारी या सीएसपी, किसी ने काम नहीं किया। सिलेंडर की रंगाई-पुताई कराने का लगा था आरोप: जेएएच प्रबंधन पर सिलेंडरों पर रंगाई पुताई कराने का आरोप लगा था। जेएएच के कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि जेएएच में आक्सीजन के नोडल अधिकारी डा़ आशीष माथुर के निर्देश पर दान में मिले सिलेंडरों की रंगाई पुताई कराई गई थी। तब यह मामला काफी उछला था। इस पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सिलेंडर चोरी मामले में एससएसपी अमित सांघी को जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद जेएएच अधीक्षक डा़ आरकेएस धाकड़ ने सिलेंडर से संबंधित सभी दस्तावेज कंपू थाना पुलिस को उपलब्ध करा दिए गए थे। इसके बाद भी पुलिस जांच के नाम पर बहाने बना रही है। मेडिकल कालेज की जांच समिति की रिपोर्ट भी अटकी: जेएएच में चोरी गए सिलेंडर की जांच के लिए गजराराजा मेडिकल कालेज के तत्कालीन डीन डा़ समीर गुप्ता ने जांच समिति गठित की थी, लेकिन सिलेंडर चोरी के मामले में जांच समिति ने भी खानापूर्ति की और जांच रिपोर्ट अबतक नहीं सौंपी। इधर जेएएच प्रबंधन का कहना था कि सिलेंडर सुपर स्पेशियलिटी हास्पिटल के स्टोर से गायब हुए हैं।

छह महीने तक मामले का फालोअप किया। जांच कहां तक पहुंची, पता करता हूं और जांच को पूरा कराता हूं।

अमित सांघी, एसएसपी

जेएएच प्रबंधन द्वारा जो आंतरिक जांच की गई उसकी रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन अबतक नहीं दी गई। केवल एक पत्र दिया, जिसमें लिखा कि कोविड के समय इतना कामकाज था कि सिलेंडर कौन कहां ले जा रहा है इसको लेखबद्ध नहीं किया जा सका। अब जो दस्तावेज दिए वह चार कार्टन में है उन्हें पढ़ने में वक्त लगेगा। यदि वह अपनी जांच रिपोर्ट देते तो उससे जांच करना आसान होता।

रामनरेश यादव, कंपू थाना टीआइ

चोरी गए सिलेंडर के मामले में मेरे द्वारा ही सबसे पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। सभी दस्तावेज पुलिस को सौंपे गए। इसके बाद पुलिस कप्तान से लेकर कलेक्टर को पत्र लिखकर जांच जल्द कराने के लिए कहा गया। यह भी कहा कि जहां से सिलेंडर चोरी हुए वहां से लेकर निजी अस्पतालों में सिलेंडरों का भौतिक सत्यापन कराया जाए तो गायब हुए सिलेंडर भी मिल जाएंगे।

डा आरकेएस धाकड़ अधीक्षक जयारोग्य अस्पताल

Posted By: anil tomar

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