विजय सिंह राठाैर, ग्वालियर नईदुनिया। कोरोना की तीसरी लहर को लेकर आशंका तेज होने लगी है। अफ्रीकी वैरिएंट ओमीक्रोन से बचाव के लिए शासन प्रशासन ने सख्ती बढ़ाना शुरू कर दिया है। राज्य शासन ने 100% क्षमता के साथ स्कूल खोलने के आदेश वापस लेते हुए पुनः 50% क्षमता के आदेश जारी कर दिए हैं। मगर सच्चाई यह है कि स्कूलों में 50 प्रतिशत विद्यार्थी भी नहीं पहुंच रहे। अभिभावक भी अपने बच्चों को स्कूल पहुंचाना नहीं चाहते। वे कोई भी जोखिम लिए बिना आनलाइन क्लास के माध्यम से ही बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं। वहीं स्कूल संचालक अब आनलाइन क्लास चलाने को लेकर मुश्किल जाहिर करने लगे हैं। चूंकि स्कूल संचालक फिजिकल क्लास न लगने के कारण फीस के लिए दबाव नहीं बना पा रहे, ऐसे में वे आनलाइन क्लास ठीक से नहीं चला रहे। उनका कहना है कि 50% क्षमता से क्लास और आनलाइन क्लास का दोहरा खर्चा होता है। ऐसे में वे चाहते हैं कोविड गाइडलाइंस का पालन करते हुए स्कूल संचालित हों और विद्यार्थी स्कूल आकर ही पढ़ें।

वहीं बाजारों में कोरोना गाइडलाइंस का बिल्कुल भी पालन नहीं हो रहा है। टोपी बाजार, सुभाष मार्केट, नजरबाग मार्केट, गांधी मार्केट, सराफा, दौलतगंज, व बाड़ा स्थित सभी बाजार, दाल बाजार, लोहिया बाजार, हजीरा व मुरार कहीं भी लोग मास्क नहीं लगा रहे। दीनदयाल (डीडी) मॉल समेत अन्य शापिंग कांप्लेक्स में भी लोग केवल मास्क लगाकर प्रवेश करते है, अंदर जाते ही मास्क को निकाल देते हैं। सैनीटाइजर की व्यवस्था भी अब सभी जगह खत्म हो गई है। न ग्राहक और न हीं दुकानदार मास्क को लेकर जागरूकता दिखा रहे हैं। कैट व व्यापारी संगठन भी इस संदर्भ में कोई काम नहीं कर रहे हैं। हालांकि कोरोना की तीसरी लहर और तीसरी बार लाकडाउन की आशंका व्यापारियों को परेशान करने लगी है। इंडस्ट्रीज भी आशंका से घिर गई हैं, और वे प्रोडक्शन करने से कतराने लगी हैं।

Posted By: vikash.pandey

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