ग्वालियर। Gwalior News लद्दाख और कश्मीर में बहुत ज्यादा ठंडा वातावरण होने से वहां की भेड़ें भी खास होती हैं। उनके शरीर पर बहुत ज्यादा बाल होते हैं। जब भेड़ें खेतों में घूम रही होती हैं तो तार फेंसिंग से गुजरते समय उनकी खाल और बाल फेंसिंग में उलझ जाते हैं। इनको लेकर पश्मीना शॉल (Pashmina Shawl) तैयार किया जाता है। इसे बनाने में तीन महीने का समय लगता है। कितने भी सर्द मौसम में इसे पहना जा सकता है। यह महंगी जरूर होती है, लेकिन इसकी खूबसूरती भी देखते ही बनती है। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में मंगलवार को लक्ष्मीबाई की समाधि के सामने फूलबाग मैदान पर खादी एवं ग्रामोद्योग एक्सपो 2019 में कुछ ऐसी ही खूबसूरत चीजें देखने को मिलीं।

मेले का उद्घाटन प्रदेश के सामान्य प्रशासन, संसदीय कार्य और सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एपेक्स बैंक के प्रशासक अशोक सिंह ने की। विशेष अतिथि के रूप में एडीजी राजाबाबू सिंह उपस्थित रहे। मेले में रोज विभिन्न् प्रतियोगिताओं को आयोजन कराया जाएगा। मेले में कश्मीर के साथ गुजरात, पश्चिम बंगाल, कानपुर आदि राज्यों के बुनकरों अपनी कला प्रदर्शित कर रहे हैं। मेला के पहले दिन सैलानियों की भीड़ देखने को मिली। और सभी खास पसंद वुलन में कशमिरी वुलन क्लॉथ रहे। मेला में 10 से ज्यादा कशमिरी दुकानदारों ने वस्त्रों के दुकाने लगाई हैं। इनके साथ कश्मीर, गुजरात, वेस्ट बंगाल, कानपुर आदि राज्यों से दुकानदारों ने हिस्सा लिया। ये मेला एक माह चलेगा जिसमें खादी के कपड़े भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

10 से भी ज्यादा कश्मीरी कलाकार

कश्मीर से पश्मीना शॉल और स्टॉल लेकर आए कलाकारों ने बताया कि कश्मीर में बर्फबारी होने के कारण अधिकांश समय महिलाएं घरों में ही रहती हैं। अपने इस समय का उपयोग वे पश्मीना शॉल और स्टॉल बनाने में करती हैं। इसमें चारों ओर भेड़ के बाल लगे हुए होते हैं। बीच में इसके आरी वर्क किया जाता है। मेले में कश्मीर से 10 स्टॉल लगाई गई हैं।

मधुबनी पेंटिंग में साड़ी

पश्चिम बंगाल से आए कलाकार मधुबनी की कढ़ाई से तैयार की साड़ियों को प्रदर्शित कर रहे हैं। इस साड़ी का धागा भी वे स्वंय ही तैयार करते है। साड़ी बनाते समय धागे का काटने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल किया जाता है। सिल्क की साड़ी पर मधुबनी कढ़ाई की जाती है। इसे तैयार करने में लगभग 10 दिन का समय लगता है।

गुजराती की कच्छी वर्क

गुजरात से मीरा गुजराती ने कच्छी वर्क की साड़ी और सूट का स्टॉल लगाया है। स्टॉल साड़ी, शूट के साथ बैडशीट और कुशन भी है। बैडशीट को धागे का डिजाइन किया हुआ है। खादी के कपड़े पर धागे का डिजाइन कर बेडशीट तैयार की। एक बेडशीट को तैयार करने में लगभग 15 दिन लगते हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

fantasy cricket
fantasy cricket