Pathology in Gwalior: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। जयारोग्य अस्पताल में मरीजों की ओपीडी व आइपीडी संचालित हो रही है तब मरीजों की जांच के नाम पर दुर्दशा हो रही है। क्योंकि मरीज को जांच के लिए जेएएच से लेकर मेडिकल कालेज तक में चक्कर लगाना होता है। मरीज को यह पता नहीं होता कि कौनसी जांच कहां पर होगी। जांच केन्द्र किस स्थान पर बना है। इसकी जानकारी जेएएच से लेकर कालेज प्रबंधन ने न तो कहीं पर इसके लिए बैनर पोस्ट लगाया और न हीं कोई साइनेज लगवाए हैं। इस कारण से मरीज पहले जेएएच की पैथालोजी में पहुंचता है वहां पर पता चलता कि कालेज में जांच होगी। कालेज में अलग अलग चार भवन में जांच केन्द्र बने हुए हैं। फिर यहां पर मरीज को पूरे कालेज में उस जांच केन्द्र का पता लगाने में मशक्कत करनी पड़ती है जहां पर उसकी जांच होगी। अब जब हजार बिस्तर अस्पताल शुरू होगा ताे यह परेशानी कई गुना बढ़ जाएगी। क्योंकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि हजार बिस्तर में पैथालाेजी शुरू होगी और जेएएच के लिए सुपर स्पेशियलिटी में पैथालाेजी संचालित की जाएगी।

जबकि इसकी सेन्ट्रालाइज व्यवस्था होनी चाहिए थी जो नहीं हो सकती। कालेज के स्थान पर सभी प्रकार की जांच अस्पताल में होना चाहिए। हजार बिस्तर में ओपीडी शुरू करने के लिए गजराराजा मेडिकल कालेज के डीन डा अक्षय निगम ने निर्देश जारी कर दिए हैं। ओपीडी इस सप्ताह में शुरू की जानी है जिसको लेकर माधव डिस्पेंसरी में संचालित हो रही ओपीडी कक्ष से सामान हजार बिस्तर भेजा जाने लगा है। लेकिन ओपीडी किस तिथि से हजार बिस्तर में शुरू होगी अभी यह निश्चित नहीं है जिसकाे लेकर विभाग आधा अधूरा सामान ही हजार बिस्तर भेज रहे हैं। हालांकि ओपीडी हजार बिस्तर में शिफ्ट होनेके बाद मरीजों के सामने परेशानी खड़ी होने वाली है। क्योंकि कार्डियोलाजी,पीडियाट्रिक, गायनिक, कैंसर, न्यूरोलाजी, न्यूरोसर्जरी जेएएच में ही संचालित रहेगी। इसके अलावा बाकी सभी बीमारियों की ओपीडी हजार बिस्तर में शुरू होगी। इसके साथ ही एक्सरे, अल्ट्रासाउंड , पैथालोजी आदि भी हजार बिस्तर में शिफ्ट की जा रही है जबकि ब्लड बैंक जेएएच में ही संचालित रहेगा। जबकि मरीजों की परेशानी काे लेकर संभागायुक्त भी निरीक्षण के दौरान चिंता जता चुके हैं। हजार बिस्तर अस्पताल में छह विभाग छोड़कर मेडिसिन सहित सभी विभागों की ओपीडी संचालित होगी। जिससे लोगों के बीच में असमंजस की स्थिति रहेगी। क्योंकि हजार बिस्तर में संचालित होने वाली ओपीडी में ही सभी मरीज पहुंचेगें । जब वहां पर उन्हें पता चलेगा कि जो विभाग हजार बिस्तर में नहीं पहुंचे उनकी ओपीडी जेएएच में ही है तो उन्हें वापस आना पड़ेगा। लेकिन सबसे अधिक परेशानी मेडिसिन वाले मरीजों को होगी। क्योंकि मेडिसिन में हर परेशानी का मरीज पहुंचता है जिसे कार्डियक से लेकर न्यूरो विशेषज्ञ तक का परामर्श लेना पड़ता है।

Posted By: anil tomar

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