ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। नगर निगम के जनकार्य विभाग की लापरवाही के चलते करीब चार साल बाद भी फूलबाग से किलागेट तक की सड़क बनकर तैयार नहीं हो पाई है। अब निगम के जिम्मदारों द्वारा करीब तीन महीने पहले बनाई गई आधी-अधूरी सड़क के कुछ हिस्से को खोदकर दोबारा से सड़क का मिलान करने के लिए काम किया जा रहा है। वहीं बारिश होने के चलते सड़क जर्जर व बदहाल होने से हर दिन कोई न कोई सड़क पर बने गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहा है और गाड़ी के टायर से नुकीली गिट्टी उछलकर लोगों को भी चोटिल कर रही है।

इस यह सड़क का कार्य नवंबर 2022 में पूरा होना है, लेकिन काम की सुस्त रफ्तार को देखते हुए दो महीने में कार्य पूरा होना आसान नहीं लग रहा है। करीब चार साल से फूलबाग से किलागेट तक की जर्जर, बदहाल व धूलभरी सड़क को लेकर लगातार मांग की जा रही थी और बाद में स्मार्ट सिटी को सड़क बनाने के लिए 11 करोड़ 78 लाख रुपए दिए गए, लेकिन अधिकारियों ने अपने फायदे के लिए स्मार्ट सिटी से कार्य छीनकर जनकार्य विभाग को दे दिया। इससे यह सड़क अब और अधिक खराब होती दिख रही है। सड़क पर पूर्व में लगाए गए डिवाइडर को भी बीच में ही हटा दिया गया। छह किमी लंबी सड़क बनाने के लिए स्मार्ट सिटी की ओर से 11 करोड़ 78 लाख रुपए मंजूर किए गए थे, लेकिन बाद में निगम के जिम्मेदारों ने स्मार्ट सिटी से काम छीनकर निगम के जनकार्य विभाग को दे दिया, लेकिन जनकार्य द्वारा काफी धीमी गति से कार्य किया जा रहा है। यही कारण है कि इस सड़क से हो रही असुविधा को देखते हुए गत सोमवार को ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को भी हाथ जोड़कर स्थानीय लोगों से माफी मांगनी पड़ी।

Posted By: anil tomar

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