ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सिंगल यूज प्लास्टिक को प्रतिबंधित करने के लाख दावे होने के बावजूद बाजारों में अब भी प्रतिबंधित पालीथिन और अन्य आइटम नजर आ रहे हैं। अफसरों का दावा है कि सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पाद बनाने वाले गोहद स्थित अंचल के इकलौते कारखाने को बंद कर दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद प्लास्टिक से बनी चम्मचें, थैलियां, पैकिंग मटेरियल अब भी बाजारों में उपलब्ध है। नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि बाहरी राज्यों से चोरी-छुपे इन आइटम की आपूर्ति हो रही है। शहर में लाकर इसे चेन बनाकर बेचा जाता है। इस कारण से प्लास्टिक पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पा रही है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का दावा है कि गत 15 जून को गोहद स्थित राधे-राधे प्लास्टिक फैक्ट्री को बंद करा दिया गया था और 30 जून को स्टाक वेरीफिकेशन कर लिया गया था। इसके बाद से अंचल में कहीं भी पालीथिन का निर्माण नहीं हो रहा है। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि यदि यहां निर्माण नहीं हो रहा है, तो प्रतिबंधित प्लास्टिक की सप्लाई कहां से हो रही है। इस पर अधिकारियों का कहना है कि गुजरात के पंचमहल जिले के हलोल में सबसे अधिक पालीथिन का निर्माण होता है। वहां प्लास्टिक कैरीबेग तैयार करने की सबसे बड़ी इंडस्ट्रीज हैं। वर्तमान में वहीं से सबसे अधिक आपूर्ति हो रही है। चोरी-छुपे इस सामान को ट्रकों, ट्रेनों के जरिए ग्वालियर लाया जा रहा है और बाजारों में खपाया जा रहा है। इसके कारण फिर से बाजारों में पालीथिन नजर आने लगी है। इसके अलावा प्लास्टिक की चम्मचें, स्ट्रा आदि भी वहीं से सप्लाई हो रहे हैं। ऐसे में इनका खुलेआम धड़ल्ले से उपयोग भी किया जा रहा है। अब बाजारों में फिर से प्लास्टिक से बने प्रतिबंधित उत्पाद नजर आ रहे हैं और लोग भी बेहिचक इनका इस्तेमाल कर रहे हैं।

-5.56 क्विंटल प्लास्टिक की है जब्त-

सिंगल यूज प्लास्टिक से बने प्रतिबंधित उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नगर निगम को अधिकृत किया गया है और निगम ने बाकायदा टास्क फोर्स का भी गठन कर रखा है। इस टास्क फोर्स ने अभी तक कार्रवाई करते हुए 5.56 क्विंटल सिंगल यूज प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त की है। इसके बदले में 81 लोगों पर जुर्माने की कार्रवाई की गई और 57 हजार 700 रुपए का जुर्माना वसूल किया गया है।

-थमी कार्रवाई तो बिकने लगी पालीथिन-

नगर निगम द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ जुलाई में तो अभियान चलाया गया, लेकिन उसके बाद से धीरे-धीरे कार्रवाई ने दम तोड़ दिया। अब छुटपुट स्तर पर कार्रवाई कर जुर्माना वसूल किया जाता है। सख्ती कम होने से बाजारों में खुलेआम प्लास्टिक बिकने लगी है। इस मामले में नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डा. वैभव श्रीवास्तव का कहना है कि सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है।

वर्जन

सबसे ज्यादा आपूर्ति गुजरात से

अंचल में प्लास्टिक उत्पादों का निर्माण करने वाले एकमात्र कारखाने को बंद करा दिया गया है। अब वहां निर्माण नहीं हो रहा है। हमें मिली जानकारी के मुताबिक गुजरात के हलोल से बड़े स्तर पर प्लास्टिक शहर में लाई जा रही है। जल्द ही इस मामले में नगर निगम के साथ मिलकर कार्रवाई की जाएगी।

एचएस मालवीय, क्षेत्रीय अधिकारी, मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

Posted By: anil tomar

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